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‘रोना-धोना पसंद नहीं, मैं नहीं चाहती कोई बेचारी बोले...’ स्मृति मंधाना ने बयां किया ब्रेकअप का दर्द

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
‘रोना-धोना पसंद नहीं, मैं नहीं चाहती कोई बेचारी बोले...’ स्मृति मंधाना ने बयां किया ब्रेकअप का दर्द

भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने अपनी भावनाओं और मुश्किल समय से निपटने के तरीके को लेकर खुलकर बात की है.

दुनिया की बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल स्मृति ने बताया कि जब वह दुखी होती हैं तो अपनी भावनाओं को दूसरों के सामने जाहिर करना पसंद नहीं करतीं.

हरमनप्रीत कौर की डिप्टी स्मृति ने भारत को 2025 विमेंस विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी और वह विमेंस क्रिकेट की सबसे सफल बल्लेबाजों में गिनी जाती हैं.

पॉडकास्टर राज शमानी से बातचीत के दौरान स्मृति से पूछा गया कि वह उदासी और भावनात्मक मुश्किलों को कैसे संभालती हैं.

इस पर भारतीय स्टार ने बताया कि वह ऐसे समय में काफी देर तक चुप हो जाती हैं और खुद में रहना पसंद करती हैं. “मुझे लगता है कि मैं काफी लंबे समय तक चुप हो जाती हूं. मैं अपने आप में रह सकती हूं.

मुझे रोना-धोना पसंद नहीं है,” स्मृति ने कहा, साथ ही बताया कि वह अपनी परेशानी को ज्यादा लोगों के सामने नहीं आने देना चाहतीं.

सहानुभूति से दूर रहना चाहती हैं स्मृतिस्मृति मंधाना ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब दूसरे लोग उनकी उदासी को समझकर उनके प्रति सहानुभूति दिखाने लगते हैं.

वह नहीं चाहतीं कि कोई उन्हें कमजोर या बेचारी समझे. “मुझे किसी भी तरह की सहानुभूति बिल्कुल पसंद नहीं है. मैं नहीं चाहती कि लोग मुझे बेचारी की तरह देखें.

मैं ठीक हूं और मजबूत हूं,” स्मृति ने कहा; उनके मुताबिक यह मजबूती सिर्फ दुनिया को दिखाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी असली सोच का हिस्सा है.

पर्सनल प्रॉब्लम पर क्यों नहीं करतीं बात?भारतीय उपकप्तान ने यह भी बताया कि यही वजह है कि वह इंटरव्यू में अपने परिवार या पर्सनल मुश्किलों पर ज्यादा चर्चा नहीं करतीं.

वह चाहती हैं कि लोग उन्हें एक खुशमिजाज इंसान के रूप में देखें और उनकी जिंदगी की कहानी पर दया करने के बजाय उनके खेल से प्रेरणा लें. “इसीलिए मैं इंटरव्यू में परिवार की प्रॉब्लम पर बात नहीं करती.

मुझे एक खुश इंसान की तरह देखिए और मेरी कहानी से नहीं, मेरे खेल से प्रेरित होइए,” स्मृति ने कहा, साथ ही बताया कि वह मुश्किल अनुभवों से सीखकर आगे बढ़ने और भविष्य पर ध्यान देने में विश्वास रखती हैं.

📡 स्रोत: NewsData.io

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