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RSS महिला संगठन प्रमुख बोलीं- जंतर-मंतर प्रदर्शन अराजकता फैला रहे:जेन-जी का ब्रेनवॉश कर रहा दिमागी नक्सलवाद, अपने फायदे के लिए युवाओं-महिलाओं को भड़का रहे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
RSS महिला संगठन प्रमुख बोलीं- जंतर-मंतर प्रदर्शन अराजकता फैला रहे:जेन-जी का ब्रेनवॉश कर रहा दिमागी नक्सलवाद, अपने फायदे के लिए युवाओं-महिलाओं को भड़का रहे

RSS के महिला संगठन, राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख वी.

शांताकुमारी ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन भारत में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं और देश की मौजूदा स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने कहा- दिमागी नक्सलवाद जहरीले विचारों का सबसे खतरनाक और अदृश्य इकोसिस्टम है। यह जेन-जी का ब्रेनवॉश कर रहा है।

युवाओं और महिलाओं के मन में भी अशांति पैदा कर रहा है। उन्हें भड़का रहा है। शांताकुमारी ने ये बातें 16 अक्टूबर को नागपुर में राष्ट्र सेविका समिति के वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शस्त्रपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों को असंवैधानिक बताया। राष्ट्र सेविका समिति RSS का महिला संगठन है।

इसकी प्रमुख संचालिका वी.

शांताकुमारी को शांताक्का के नाम से भी जाना जाता है। विजयादशमी समारोह की तस्वीरें… शांताकुमारी बोलीं- देश की संस्कृति नष्ट करना चाहते हैं प्रदर्शनकारी शांताकुमारी ने कहा- हमने जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन देखे हैं। हम इन्हें असंवैधानिक प्रदर्शन कह सकते हैं। देश अराजकता का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा- प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य भारत में अस्थिरता पैदा करना और देश की संस्कृति को नष्ट करना है। वे इसी इरादे से यह सब कर रहे हैं। वे समाज में कोई रचनात्मक बदलाव लाना नहीं चाहते हैं। पीएम ने सबसे पहले किया था ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के भाषण में सबसे पहले ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किया था।

उन्होंने कहा था- हम जंगलों से सशस्त्र नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस संकट से मुक्त कराने में सफल हुए हैं। हालांकि, सशस्त्र नक्सली चले गए हैं, लेकिन दिमागी नक्सली आसपास मौजूद हैं। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा: धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 2 अक्टूबर को कहा कि भारत में धर्म और राष्ट्र अलग नहीं हैं।

राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है। धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा। भागवत ने मुंबई में ऑल इंडिया विहार सेवा ग्रुप के 14वें सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनि

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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