रूस और यूक्रेन के बीच हमले तेज हुए
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अक्टूबर 19, नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच हमले तेज हो गए हैं। यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात टर्मिनल और रुची ऑयल डिपो में आग लग गई। स्थानीय गवर्नर अलेक्जेंडर बेग्लोव ने बताया हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने 15 रूसी क्षेत्रों, कब्जे वाले क्रीमिया और काला सागर के ऊपर यूक्रेन के एक हजार पंद्रह ड्रोन नष्ट किए।
वहीं ओज़ोन के एक लॉजिस्टिक्स सेंटर और टेक कंपनी वीके के डेटा सेंटर को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।दूसरी तरफ यूक्रेन के ज़ापोरिज़िया शहर पर रूसी हमलों में एक महिला की मौत और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों में छह साल की बच्ची भी शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की घोषणा की थी।
हालांकि दोनों देशों के बीच औपचारिक युद्धविराम की पुष्टि स्पष्ट नहीं है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी दावा किया कि एक सप्ताह में रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्रों पर 76 हमले किए। उन्होंने अमेरिका से रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की है। अभी दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं और ऊर्जा ढांचों को नुकसान पहुँच रहा है।
फोटो- प्रतीकात्मक तस्वीर
💡 पृष्ठभूमि (Background)
रूस और यूक्रेन के बीच हालिया संघर्ष में दोनों पक्षों ने हमलों को तेज कर दिया है, जिससे सेंट पीटर्सबर्ग के तेल निर्यात टर्मिनल पर आग लगी। यह विषय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा बाजार पर गहरा असर डालता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालती है और रूस-यूक्रेन तनाव को बढ़ाती है। आम जनता पर इसका असर ऊर्जा कीमतों में वृद्धि, आपूर्ति अस्थिरता और संभावित आर्थिक प्रतिबंधों के रूप में महसूस हो सकता है।