अपराध

सहारनपुर में 44 लोगों से 3.97 करोड़ की ठगी:QFX कंपनी में निवेश के नाम पर हर महीने 5% रिटर्न देने का किया था वादा, कोर्ट के आदेश पर FIR

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सहारनपुर में 44 लोगों से 3.97 करोड़ की ठगी:QFX कंपनी में निवेश के नाम पर हर महीने 5% रिटर्न देने का किया था वादा, कोर्ट के आदेश पर FIR

सहारनपुर में QFX कंपनी में निवेश कराकर हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न देने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप लगा है। मामले में चकवाली गांव निवासी नीरज कुमार की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से गंगोह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में खतौली निवासी और फिलहाल दुबई में रहने वाले लवीश चौधरी उर्फ नवाब को नामजद किया गया है।

आरोप है कि कंपनी के माध्यम से लोगों से निवेश कराया गया और शुरुआत में तय रिटर्न भी दिया गया, लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। रकम वापस मांगने पर पैसे देने से इनकार करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। नीरज कुमार ने एसीजेएम चतुर्थ की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।

इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। 2021 में बनाई थी QFX कंपनी नीरज कुमार के मुताबिक, लवीश चौधरी उर्फ नवाब ने वर्ष 2021 में QFX नाम से कंपनी बनाई थी। कंपनी का कार्यालय पंजाब के एसएएस नगर जिले के जीरकपुर में बताया गया था। आरोप है कि कंपनी में निवेश कराने और उस पर मिलने वाले रिटर्न की जानकारी देने के लिए आरोपी ने कई बार नीरज के घर पर बैठक की थी।

इन बैठकों में बताया गया कि कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न दिया जाएगा। शिकायत के अनुसार, कंपनी में देशभर के अनेक लोग निवेश कर रहे थे और उन्हें हर महीने रिटर्न मिलने की बात सामने आने के बाद नीरज कुमार, उनके साथियों और परिचितों ने भी इसमें रकम लगाई। आरोप है कि शुरुआती दौर में निवेशकों को तय रिटर्न दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा।

हालांकि, अक्टूबर 2024 के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। 44 लोगों ने लगाए थे पैसे नीरज कुमार ने शिकायत में बताया कि उन्होंने खुद कंपनी में 10 लाख रुपए निवेश किए थे। उनके अलावा प्रवीण कुमार ने 6 लाख, अश्विनी कुमार ने 9 लाख, श्रीचंद ने 8 लाख, जयवीर राणा ने 11 लाख और विकास पुंडीर ने 4 लाख रुपए निवेश किए थे।

ये निवेशक सहारनपुर, हरिद्वार और हरियाणा के रहने वाले बताए गए हैं। शिकायत में इसके अतिरिक्त 44 लोगों के नाम और उनके निवेश की रकम का भी उल्लेख किया गया है। इनमें अजय सैनी के 10 लाख, विकास कुमार के 11 लाख, अभिषेक सैनी के 12 लाख, भारत भूषण गुप्ता के 10 लाख, चेतन कुमार के 10 लाख, अविवेक के 12 लाख और संजीव कुमार के 6 लाख रुपए शामिल हैं।

इसके अलावा दीपक पांचाल के 7 लाख, विकास कुमार के 9 लाख, मनेश कुमार के 7 लाख, आदेश कुमार के 10 लाख, सावन कुमार के 8 लाख, राजकुमार के 8 लाख, फुरकान के 4 लाख, अमित कुमार के 7 लाख, गुरमीत के 3 लाख, सुनील कुमार के 6 लाख और अरविंद्र कुमार के 2 लाख रुपए निवेश करने का उल्लेख है। शिकायत में पवन चौधरी के 5 लाख, सचिन कुमार के 10 लाख, सजन सिंह के 13 लाख, मंजीत कुमार के 8 लाख, पंकज कुमार के 9 लाख, नीटू कुमार के 11 लाख, हरिकांत के 8 लाख, अनुज बालियान के 11 लाख, सुरेश कुमार के 12 लाख, केशव कुमार के 8 लाख, पुष्पेंद्र कुमार के 11 लाख और जितेंद्र कुमार के 12 लाख रुपए निवेश करने की बात कही गई है।

इसी सूची में रजनीश के 8 लाख, जसवीर कुमार के 3 लाख, पवन कुमार के 9 लाख, दुष्यंत के 7 लाख, अनुज चौहान के 8 लाख, रविंद्र सिंह राणा के 7 लाख, रोहित राणा के 8 लाख, सोनू राणा के 9 लाख, राजकुमार के 4 लाख, दुष्यंत के 9 लाख, सुनील चौहान के 7 लाख, संदीप कुमार के 6 लाख, कुलदीप शर्मा के 4 लाख और रविंद्र सिंह के 6 लाख रुपए निवेश करने का विवरण दिया गया है।

शिकायत में दर्ज इन नामों और रकम के आधार पर निवेशकों की कुल संख्या तथा कुल निवेश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में निवेश से जुड़े दस्तावेजों, भुगतान और संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है। अक्टूबर 2024 से बंद हुआ रिटर्न, रकम मांगने पर धमकी का आरोप नीरज कुमार का आरोप है कि कंपनी की ओर से शुरुआत में उन्हें तय 5 प्रतिशत मासिक रिटर्न दिया गया था, लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद भुगतान बंद कर दिया गया।

उन्होंने जब आरोपी से रिटर्न नहीं मिलने की शिकायत की तो वह टालमटोल करने लगा और पैसे लौटाने के वादे करता रहा। शिकायत के अनुसार, बाद में जब नीरज ने अपनी मूल रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि वह कोई पैसा नहीं देगा और पुलिस भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

नीरज का कहना है कि उन्होंने और अन्य निवेशकों ने कंपनी से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्हें पता चला कि कंपनी के खिलाफ दूसरे लोगों ने भी शिकायतें की हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मुजफ्फरनगर में दर्ज मुकदमे का भी दिया हवाला प्रार्थना पत्र में नीरज कुमार ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि आरोपी के खिलाफ मुजफ्फरनगर के खालापार थाने में एफआईआर दर्ज है।

नीरज ने इस एफआईआर की प्रति भी अपने प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करने की बात कही है। एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से भेजी थी शिकायत नीरज कुमार के अनुसार, उन्होंने मामले में कार्रवाई के लिए 4 अगस्त 2026 को सहारनपुर के एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा था। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद उन्होंने 7 अगस्त 2026 को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गंगोह थाने में मुकदमा दर्ज कराने और विवेचना के आदेश देने की मांग की। अब कोर्ट के आदेश पर गंगोह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।