सहारनपुर में किशोरी को ले जाने का आरोपी अरेस्ट:4 महीने से फरार था, किशोरी बरामद; पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा बढ़ाई
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सहारनपुर के गागलहेड़ी क्षेत्र में 12 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में पुलिस ने रविवार शाम फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने किशोरी को भी सकुशल बरामद कर लिया है। किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म से संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई है।
आरोपी को कानूनी कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश किया जा रहा है। 14 मई को दर्ज हुआ था मुकदमा पुलिस के मुताबिक, गागलहेड़ी पानी की टंकी के पास रहने वाली महिला ने 14 मई 2026 को थाने में तहरीर दी थी। महिला ने बताया था कि उसकी करीब 12 वर्षीय बेटी को एक युवक अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।
हरौड़ा कट के पास घेराबंदी कर पकड़ा एसएसपी के निर्देश पर वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को गागलहेड़ी पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से आरोपी के संबंध में सूचना मिली। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हरौड़ा कट के पास घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उसके कब्जे से किशोरी को भी सकुशल बरामद किया। बयान के आधार पर बढ़ाई गईं धाराएं गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश उर्फ बिट्टू पुत्र किशनपाल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र के सुहेली गांव का रहने वाला है और वर्तमान में गागलहेड़ी क्षेत्र के पाली गांव में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान किशोरी के बयान दर्ज किए गए। बयान के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म से संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में एसआई सौरभ यादव, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार और महिला आरक्षी मीनू शामिल रहे।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
इस घटना से स्पष्ट है कि हर संघर्ष का समाधान कानून और संवाद में है। जब किसी की सुरक्षा खतरे में हो, तो तुरंत पुलिस और सामाजिक नेटवर्क से सहायता माँगें। समाज को जागरूक करना चाहिए कि शिक्षा, परामर्श और सामुदायिक निगरानी से ऐसे अपराध रोके जा सकते हैं। पीड़ित की हिम्मत और परिवार की सहनशीलता हमें प्रेरित करती है कि हम सभी मिलकर सुरक्षित और सहानुभूतिपूर्ण समाज का निर्माण करें।