साइबर और फोरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का विस्तार आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिन-प्रतिदिन के जीवन में जिस गति से डिजिटल प्रणालियों का उपयोग बढ़ रहा है, उसी गति से इस क्षेत्र में चुनौतियां भी बढ़ रही है। डिजिटल और साइबर क्षेत्र की व्यवस्थाओं में समाज हित और जनकल्याण लगातार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सर्तकता आवश्यक है। साइबर और फॉरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार से ही यह संभव है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर और राज्य शासन के बीच हुआ एमओयू तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राजीव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच हुआ रिलेशनशिप एग्रीमेंट साइबर क्षेत्र में सर्तकता और डिजिटल फोरेंसिक्स में दक्षता का विस्तार करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार आज मंत्रालय में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर और मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय भोपाल के मध्य एमओयू के आदान प्रदान के अवसर पर व्यक्त किया। उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।
एमओयू, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर द्वारा प्रदेश के जेल मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय के अधिकारी/कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा कौशल विकास के लिये राज्य शासन के साथ किया गया है। अतिशीघ्र ही प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किये जायेगें। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर, भोपाल के सुचारू संचालन एवं समन्वय के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गाँधीनगर और राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के मध्य रिलेशनशिप एग्रीमेंट सम्पादित किया गया।
मंत्रालय में हुए एमओयू और रिलेशनशिप एग्रीमेंट कार्यक्रम में आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल के निदेशक राकेश कुनवर तथा आरजीपीवी के कुलपति आलोक शर्मा उपस्थित थे।
🎙️ जनता का संदेश का मत
साइबर दुनिया में बढ़ती चुनौतियों का सामना करते हुए हमें शिक्षा और प्रशिक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए। डिजिटल अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता और कौशल विकास अनिवार्य है। जब किसी को साइबर अपराध का सामना करना पड़े, तो कानूनी मार्ग और तकनीकी सहायता से निपटना चाहिए। समाज को एकजुट होकर साइबर सुरक्षा के प्रति सजग बनना चाहिए, ताकि हर नागरिक सुरक्षित और सशक्त रह सके।