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सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समाज की भागीदारी सुनिश्चित होगी

लेखक: AIR Bhopal अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समाज की भागीदारी सुनिश्चित होगी

बैठक मे यह भी तय किया गया है कि प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घंटनाओ का विश्लेषण कर भविष्य में उक्त स्थलों और कारणों से दुर्घटना नहीं हो, इसके संबंध में कार्य-योजना तैयार कर उसका समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा।

बैठक में अध्यक्ष श्री सप्रे ने सड़क दुर्घटनाओं और इससे होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाए जाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने के लिए 4 ई यानि इंजीनियरिंग, इमरजेंसी केयर,इंफोर्समेंट और एजुकेशन पर विशेष ध्यान दिए जाने पर जोर दिया। राज्य शासन कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए उक्त जिलों के लिये जरूरी वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित करे। क्रियान्वयन के लिए सी.एस.आर. और तकनीकी का भी सहारा लिया जाये।

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के परिवहन और राजमार्ग के अधिकारियों और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ के साथ एक बैठक हुई है। इस बैठक में बीमा नहीं ईंधन नहीं के संबंध में चर्चा हुई। यह इसलिए आवश्यक है ताकि सड़कों पर चल रहे हजारों की संख्या में गैर-बीमित वाहनों का बीमा सुनिश्चित किया जा सकें। जो आमजन के सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री सप्रे द्वारा राज्य शासन को यथाशीघ्र एक जिले में इस संबंध में पायलट परियोजना क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में विशेषकर पेट्रोल पम्प पर कैमरे लगाये जायें जिन्हें वाहन पोर्टल से जोड़कर गैर-बीमित वाहनों को ईंधन प्रदाय नहीं किया जाएगा।

प्रदेश में ऐसे जिले का चयन किया जायेगा जहाँ पर सर्वाधिक गैर-बीमित वाहन संचालित हैं, उस जिले में सर्वप्रथम पायलट परियोजना का क्रियान्वयन किया जाकर, उससे प्राप्त अनुभवों के आधार पर अन्य जिलों में भी क्रमशः परियोजना का विस्तार किया जायेगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए शिक्षा विभाग का सहयोग प्राप्त किया जाये तथा इस संबंध में विभिन्न शिक्षण संस्थानों तथा अन्य एजेंसियों द्वारा सड़क दुर्घटना के संबंध में जन-जागरूकता सुनिश्चित की जाये। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाने के लिए औसतन समय 16 मिनट लगता है।

प्रयास किया जाए कि इस अंतराल को यथासंभव कम किया जाये। प्रदेश में औसतन प्रतिवर्ष 13 हजार मृत्यु सड़क दुर्घटना से होती है। राज्य शासन के विशेष प्रयासों से वर्ष 2026 की प्रथम 6 माह एवं वर्ष 2025 की प्रथम 06 माह की तुलना में सड़क दुर्घटना से होने वाली मृत्यु में लगभग 800 की कमी आयी है।

राज्य शासन का यह प्रयास है कि विगत वर्षों की तुलना में वर्ष 2026 में दुर्घटना में कमी आये।

🎙️ जनता का संदेश का मत

सड़क पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। जब हम मिलकर मार्गों का विश्लेषण करते हैं, जोखिमों को पहचानते हैं और सुरक्षित योजनाएँ बनाते हैं, तो न केवल जान बचती है बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ती है। हर नागरिक को जिम्मेदारी का एहसास कराना चाहिए—सावधानीपूर्वक चलना, पशुओं के प्रति सहानुभूति और दुर्घटना के समय तुरंत सहायता देना। इस एकजुट प्रयास से हम एक सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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AIR Bhopal

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