राज्य

सलूंबर में पैंथर के आतंक का अंत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सलूंबर में पैंथर के आतंक का अंत

सलूंबर जिले के पलोदड़ा क्षेत्र में पिछले एक महीने से दहशत फैलाने वाले दो वर्षीय नर पैंथर को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया है। पैंथर ने करीब 30 दिनों में 10 से अधिक मवेशियों का शिकार किया था। इसके चलते डीगाड़ी, रेला और पलोदड़ा सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल था। वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा। अब पैंथर के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है।

सलूंबर, 22 अक्टूबर। सलूंबर जिले के पलोदड़ा क्षेत्र में पिछले एक महीने से दहशत का पर्याय बना पैंथर आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया है। वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद डीगाड़ी, रेला और पलोदड़ा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। करीब दो साल के इस नर पैंथर ने महज 30 दिनों में 10 से अधिक मवेशियों का शिकार किया था।

लगातार हो रही घटनाओं के चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। पैंथर की मौजूदगी से ग्रामीणों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही थी। शाम ढलते ही लोग घरों में रहने को मजबूर थे, वहीं किसान खेतों में जाने के लिए समूह बनाकर निकल रहे थे। मवेशियों पर लगातार हो रहे हमलों से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई थी।

ग्रामीणों की मांग थी कि पैंथर को पकड़कर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसी बीच वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पैंथर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। नाका प्रभारी राहुल पटेल और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से आखिरकार पैंथर को पिंजरे में कैद करने में सफलता मिली।

पैंथर के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने राहत महसूस की। अब वन विभाग की ओर से पैंथर का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से दूरस्थ घने जंगल में छोड़ने की तैयारी है, ताकि वन्यजीव को उसके प्राकृतिक आवास में रखा जा सके और आबादी वाले क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका कम हो।

फिलहाल पैंथर के पकड़े जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल या खेतों के आसपास वन्यजीव दिखाई देने पर इसकी सूचना विभाग को देने की सलाह दी जानी चाहिए। अब सभी की नजरें पैंथर को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की कार्रवाई पर टिकी हैं।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।