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सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने मध्य प्रदेश रोजगार और प्रशिक्षण परिषद पर लगे आरोपों को खारिज किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने मध्य प्रदेश रोजगार और प्रशिक्षण परिषद पर लगे आरोपों को खारिज किया

इस संबंध में आज जारी तथ्यात्मक रिपोर्ट में मंत्रालय ने बताया कि मैपसेट ने वर्ष 2021-22 के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए थे। चयन प्रक्रिया के बाद 34 प्रशिक्षण संस्थानों के साथ अनुबंध किए गए। इनमें से छह संस्थानों ने काम शुरू नहीं किया।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण का पहला बैच शुरू होने और प्रशिक्षुओं का मौके पर सत्यापन किए जाने के बाद पहली किस्त का भुगतान किया जाता है। दूसरी किस्त का भुगतान प्रशिक्षण पूरा होने और प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन किए जाने के बाद किया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, नौकरी मिलने की शर्त से जुड़ी तीसरी किस्त का भुगतान किसी भी संस्थान को नहीं किया गया है। संस्थानों को केवल पहली और दूसरी किस्त ही मिली है। इसलिए, पहले से किए गए भुगतानों के संबंध में नौकरी मिलने या उसकी निगरानी से जुड़े आंकड़ों का सवाल नहीं उठता।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।