सांसद आदर्श ग्राम योजना के गांवों की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, रमेश के. साहू ने सरकार से मांगा गांववार हिसाब
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इटारसी/नर्मदापुरम। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व स्टार प्रचारक एवं सचिव अधिवक्ता रमेश के. साहू ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों की प्रगति को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से गांववार विकास रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
अधिवक्ता साहू ने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों को आदर्श बनाने की पहल की गई थी। इसके बावजूद जनता के सामने यह स्पष्ट नहीं है कि चयनित गांवों में योजना के निर्धारित लक्ष्यों में कितनी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों स्तरों पर प्रतिनिधित्व मिलने के बावजूद गांवों की वर्तमान स्थिति और विकास कार्यों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
साहू के मुताबिक, अक्टूबर 2014 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन सांसद ने ब्यावरा, कठौतिया, बम्हौरीकला, पलोहाबड़ा, शिवपुर, सांगाखेड़ाकला और हथवास को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के लिए चुना था।
उन्होंने प्रशासन से इन गांवों में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि सांसद बदलने के बाद पहले चयनित गांवों की जिम्मेदारी और उनमें चल रहे विकास कार्यों की निगरानी की व्यवस्था क्या है।
अधिवक्ता साहू ने कहा कि यदि सरकार विकास कार्यों की उपलब्धियां जनता के सामने रखती है तो सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित इन गांवों का भी पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गांववार यह जानकारी दी जाए कि कितने कार्य स्वीकृत हुए, कितनी राशि खर्च हुई, कितने कार्य पूरे हो चुके हैं और कितने कार्य अभी अधूरे हैं।
कांग्रेस लीगल सेल के पूर्व संगठन सचिव रहे अधिवक्ता साहू ने लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों तथा संबंधित प्रशासन से संयुक्त समीक्षा कर गांववार प्रगति रिपोर्ट जारी करने की मांग की। साथ ही उन्होंने शेष कार्यों को पूरा करने के लिए निर्धारित समयसीमा भी सार्वजनिक करने की मांग की।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
संसद द्वारा शुरू की गई आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों की प्रगति पर सरकार से गांववार रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। यह विषय ग्रामीण विकास के पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि योजना के तहत कितनी बुनियादी सुविधाएँ, सड़क, जल और शिक्षा जैसी परियोजनाएँ पूरी हुई हैं। अगर सरकार रिपोर्ट सार्वजनिक करती है तो आम जनता को अपने गांव की स्थिति का पता चल सकेगा, जिससे वे बेहतर निर्णय ले सकेंगे और योजनाओं में सुधार के लिए आवाज़ उठा सके