संसदीय पैनल ने पूछा- फ्लाइट टिकट महंगे क्यों? एयरलाइंस बोलीं- पाकिस्तान जिम्मेदार
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संसदीय समिति ने बीते सोमवार को इंडिगो और एयर इंडिया के सीनियर ऑफिसर्स के साथ बैठक की और इस दौरान हवाई किराए में बेतहाशा हो रही बढ़ोतरी पर चिंता भी जताई.
भाजपा सदस्य बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी समिति ने एयरलाइन के इस बढ़ते किराए को लेकर कंपनियों से जवाब तलब किया है.
इससे एक दिन पहले समिति ने ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी' (BCAS) और 'एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो' (AAIB) के अधिकारियों के साथ भी बैठक की थी.
बढ़ते हवाई किराए पर कंपनियों ने क्या दिया तर्क?
एयरलाइंस ने समिति को बताया कि हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान में तनाव और होर्मुज (Strait of Hormuz) से एनर्जी सप्लाई में आ रही रुकावटों को देखते हुए ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं.
इसका सीधा असर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी पड़ा है.
चूंकि, किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का लगभग 40% से 45% हिस्सा अकेले ईंधन पर खर्च होता है इसलिए ईंधन महंगा होने से उनके पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई और चारा नहीं है.
पाकिस्तान भी है जिम्मेदार
हवाई किराए में बढ़ते इजाफे लिए पाकिस्तान को भी जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसने अपना एयरस्पेस भारत के लिए बंद कर रखा है.
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया.
इसके चलते पाकिस्तान ने 23 अप्रैल 2025 को भारतीय एयरलाइंस और भारत में पंजीकृत सभी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया था.
जवाब में भारत ने भी 30 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी विमानों पर अपने हवाई क्षेत्र में रोक लगा दी थी.
अभी हाल ही में पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने एक नया नोटम (NOTAM) जारी करके भारतीय विमानों पर लगे इस हवाई प्रतिबंध को 24 नवंबर 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है.
यह रोक
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar