संताल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की ओलचिकी लिपि में संताली पाठ्यपुस्तक तैयार करने की मांग
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Short Headline: संताल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की ओलचिकी लिपि में संताली पाठ्यपुस्तक तैयार करने की मांग
Synopsis: संताल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से की मुलाकात, ओलचिकी लिपि में संताली पाठ्यपुस्तक तैयार करने की मांग की।
Category: Government , Planning , Police , Politics , Youth , Student
Deadline : 04 SEPTEMBER, EAST SINGHBUM
04 सितंबर, पूर्वी सिंहभूम: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से आज जमशेदपुर स्थित उनके आवास पर संताल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। परसुडीह, बारीडीह, सिदगोड़ा और करनडीह क्षेत्र से आए समाज के प्रतिनिधियों ने एनसीईआरटी की संताली भाषा की पाठ्यपुस्तकों को देवनागरी के बजाय ओलचिकी लिपि में तैयार कराने की मांग को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखे जाने पर रघुवर दास के प्रति आभार जताया। मौके पर कुशल हांसदा, वीरसिंह हेम्ब्रम, रबिंद्र मुर्मू, शंकर हेंब्रम और मान सिंह मांझी समेत कई लोग मौजूद थे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
संताल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने ओलचिकी लिपि में संताली पाठ्यपुस्तक तैयार करने की मांग की है। यह पहल संताली भाषा के संरक्षण और शिक्षा में समावेशिता बढ़ाने के उद्देश्य से है। समाज के इस कदम का महत्व है क्योंकि यह अल्पसंख्यक भाषा को सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो संताली छात्रों को अपनी मातृभाषा में पढ़ने-लिखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी पहचान और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। यह कदम शिक्षा क्षेत्र में समावेशिता और सांस्कृतिक व