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संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और नैतिक मार्गदर्शक: लोकसभा अध्यक्ष

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और नैतिक मार्गदर्शक: लोकसभा अध्यक्ष

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले वर्ष तक सभी राज्‍यों की राजधानियों में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) स्‍थापित करने का निर्देश दिया है। इस समय केवल 20 राज्‍यों में ही ऐसे कार्यालय हैं।

गृह मंत्रालय ने कहा कि पर्यटन, चिकित्‍सा और शिक्षा के उद्देश्‍य से भारत आने वाले विदेशियों की संख्या में महत्‍वपूर्ण वृद्धि हुई है। इसलिए सभी राज्‍यों में एफआरआरओ नियुक्‍त करने की आवश्‍यकता है। इससे सेवाएं आसानी से सुलभ होंगी, नियामक अनुपालन में सुधार होगा और भारत को आकर्षक गंतव्‍य के रूप में प्रोत्‍साहन दिया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार विदेशियों से संबंधित क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के विस्‍तार के जरिए विदेशी नागरिकों के प्रबंधन के लिए संस्‍थागत ढांचे को मजबूत कर रही है।

गृह मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार शेष राज्‍यों में एफआरआरओ की स्‍थापना के मामले को आगे बढ़ा रही है। ये राज्‍य हैं - बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्‍य प्रदेश, उत्‍तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय। इससे भारत आने वाले विदेशियों को वीजा की अवधि बढ़ाने, इमीग्रेशन अनुपालन और कानूनी सुरक्षा जैसी दूतावास संबंधी विभिन्‍न सेवाएं लेने में मदद मिलेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।