सप्तमी पर ढोल-ढाक और शंख ध्वनि के बीच जामताड़ा में नवपत्रिका पूजा के साथ मां दुर्गा का आगमन
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जामताड़ा में नवपत्रिका पूजा के साथ मां दुर्गा का आगमन, सप्तमी पर ढोल-ढाक और शंख ध्वनि से गूंजे पूजा पंडाल, नवपत्रिका पूजा के साथ शुरू हुए दुर्गोत्सव के अनुष्ठान, जामताड़ा में दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह।
Short Headline: सप्तमी पर ढोल-ढाक और शंख ध्वनि के बीच जामताड़ा में नवपत्रिका पूजा के साथ मां दुर्गा का आगमन
नवपत्रिका पूजा, जामताड़ा, उज्ज्वल
जामताड़ा में नवपत्रिका पूजा के साथ मां दुर्गा का आगमन
सप्तमी पर ढोल-ढाक और शंख ध्वनि से गूंजे पूजा पंडाल
नवपत्रिका पूजा के साथ शुरू हुए दुर्गोत्सव के अनुष्ठान
जामताड़ा में दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
एंकर शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि के साथ ही जामताड़ा में दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ गई है। नवपत्रिका पूजा के बाद विभिन्न पूजा पंडालों में मां दुर्गा का विधिवत आगमन हुआ। सुबह स्थानीय तालाबों में पुरोहितों ने वैदिक विधि-विधान के साथ नवपत्रिका की पूजा की। इसके बाद ढोल-ढाक, शंख और उलू ध्वनि के बीच नवपत्रिका को पालकी पर विराजमान कर मंदिर लाया गया।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ-1 जामताड़ा में सप्तमी के दिन नवपत्रिका पूजा के साथ मां दुर्गा के स्वागत की परंपरा निभाई गई। केला, अनार, हल्दी और धान सहित नौ प्रकार के पौधों एवं पत्तों से तैयार नवपत्रिका को देवी के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नवपत्रिका को पालकी पर बैठाकर दुर्गा मंदिर लाया गया। ढोल-ढाक की थाप और शंख ध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने मां का स्वागत किया। इस बीच पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
बाइट- लालटू सरर्खेल, यजमान
वीओ-2 नवपत्रिका पूजा के साथ ही जामताड़ा में दुर्गोत्सव की गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूजा समितियों की ओर से आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं और शहर के विभिन्न इलाकों में रंग-बिरंगी रोशनी की सजावट की गई है। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पंडालों में पहुंच रहे हैं। समिति के सदस्य सुकुमार सरर्खेल ने बताया कि सप्तमी से दशमी तक विधि-विधान के साथ पूजा की जाएगी। विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
बाइट- सुकुमार सरर्खेल
अंतिम वीओ नवपत्रिका पूजा बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में दुर्गोत्सव की महत्वपूर्ण परंपरा है। प्रकृति और देवी आराधना के इस संगम के साथ जामताड़ा में दुर्गा पूजा का उल्लास चरम पर पहुंचने लगा है। ढोल-ढाक की गूंज, पारंपरिक अनुष्ठान और सजे हुए पूजा पंडालों के बीच श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में जुटे हैं।
जामताड़ा उज्ज्वल प्रसाद आजाद की रिपो