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सरकार ने चीनी भंडारण की सीमा चार हजार क्विंटल से घटाकर दो हजार क्विंटल की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सरकार ने चीनी भंडारण की सीमा चार हजार क्विंटल से घटाकर दो हजार क्विंटल की

रायपुर, 2 सितंबर 2026

सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए भंडार रखने की सीमा चार हजार क्विंटल से घटाकर दो हजार क्विंटल कर दी है। यह नियम इस महीने की 15 तारीख से इस वर्ष 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। नई भंडार सीमा का उद्देश्य जमाखोरी पर अंकुश लगाना, पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करके उपभोक्ता हितों की रक्षा करना और कीमतों में स्थिरता लाना है।

संशोधित प्रावधानों के तहत, कोई भी चीनी व्यापारी किसी भी भंडार को प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक नहीं रख सकता है। चीनी व्यापारी देश भर में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर दो हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडार नहीं रख सकता है। हालांकि, कोलकाता और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों की विशिष्ट बाजार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, भंडार रखने की सीमा चार हजार क्विंटल ही रहेगी।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से चीनी खरीदता है और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र सहित देश के पूर्वी हिस्से को इसकी आपूर्ति करता है। इसलिए, कोलकाता और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों के लिए चार हजार क्विंटल की मौजूदा सीमा को बरकरार रखा गया है।

सरकार ने उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया है कि वह घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।