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‘सरस फूड फेस्टिवल’ बना ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का सशक्त मंच

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
‘सरस फूड फेस्टिवल’ बना ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का सशक्त मंच

13 अक्तूबर 2026, देहरादून: उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। देहरादून में आयोजित सात दिवसीय सरस फूड फेस्टिवल-2026 में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। फेस्टिवल में प्रदेश के सभी 13 जिलों और देश के 17 राज्यों के स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया। 200 से अधिक स्टॉल के माध्यम से महिलाओं ने अपने पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बाजार तक पहुंचाया। आयोजन ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण आजीविका और महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। सरस फूड फेस्टिवल जैसे आयोजन महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री, विपणन और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। देहरादून में आयोजित सरस फूड फेस्टिवल ने ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर और उत्पादों को पहचान दिलाने का अवसर दिया। सात दिनों तक चले इस आयोजन में महिलाओं ने स्थानीय व्यंजनों, पहाड़ी उत्पादों, हस्तशिल्प और अन्य घरेलू उत्पादों की बिक्री की। इससे उन्हें सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने और अपने कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिला।

सरस फूड फेस्टिवल की नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि यह बिक्री महिलाओं के बढ़ते उद्यमशील कौशल और स्थानीय उत्पादों की बाजार में संभावनाओं को दर्शाती है।

(इस स्टोरी फोल्डर में)

बाइट- अनीता पंवार, नोडल अधिकारी, सरस फूड फेस्टिवल

बाइट- उद्यमी 1,2,3

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।