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सर्वोच्‍च न्यायालय ने अवैध शराब से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय सुझाए

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सर्वोच्‍च न्यायालय ने अवैध शराब से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय सुझाए

रायपुर, 19 सितंबर 2026

सर्वोच्‍च न्यायालय ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अवैध शराब से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। इनमें मेथनॉल की खरीद, भंडारण और परिवहन की कड़ी निगरानी, लाइसेंस और परमिट की समय-समय पर जांच तथा बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की स्थिति से निपटने के लिए विशेष आपदा प्रबंधन व्यवस्था शामिल है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने महाराष्ट्र के उन नियमों को रद्द करते हुए ये सुझाव दिए, जिनमें दवा निर्माता नहीं होने वाले उद्योगों को बेचे जाने वाले मेथनॉल में कड़वा पदार्थ और रंग मिलाना अनिवार्य किया गया था। न्यायालय ने कहा कि ये प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14 और 19(1)(जी) का उल्लंघन करते हैं।

न्यायालय ने गुजरात के भावनगर और मध्य प्रदेश के सागर में हाल में हुई अवैध शराब से होने वाली घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें करीब 13 से 15 लोगों की मृत्‍यु हो गई थी। न्यायालय ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल मेथनॉल की पहचान पर ध्यान देने के बजाय कई सरकारी विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई जरूरी है।

न्यायालय ने संबंधित राज्यों में निषेध कानूनों को सख्ती से लागू करने पर भी जोर दिया, जिससे अवैध शराब की आपूर्ति और मांग दोनों पर रोक लगाई जा सके। इसके लिए आबकारी, पुलिस, परिवहन, उद्योग, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभागों के साथ गैर-सरकारी संगठनों के समन्वय से बहुस्तरीय व्यवस्था अपनाने की बात कही गई है।

न्यायालय का यह फैसला महाराष्ट्र पॉइजन्स रूल्स-1972 के नियम 18-ए और 18-बी को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह पर आया है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सर्वोच्च न्यायालय ने अवैध शराब के कारण होने वाली मौतों और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़ी निगरानी, लाइसेंस जाँच और आपदा प्रबंधन व्यवस्था अपनाने का निर्देश दिया है। यह कदम भारत में मेथनॉल आधारित शराब से होने वाले बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य संकट को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यदि इन उपायों को सही ढंग से लागू किया जाता है तो आम जनता की सुरक्षा बढ़ेगी, शराब से संबंधित दुर्घटनाएँ घटेंगी और समाज में शुद्ध शराब का प्रसार सुनिश्चित होगा।

🎙️ जनता का संदेश का मत

अवैध शराब से होने वाली दुर्घटनाएँ समाज के लिए गहरी चोट हैं। हमें कानूनी मार्ग अपनाकर लाइसेंस, निरीक्षण और आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करना चाहिए। यदि कोई असुरक्षित पेय पाता है, तो तुरंत पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। परिवारों को संयम और जागरूकता के साथ एकजुट होकर शराब के दुरुपयोग से बचना चाहिए। इस प्रयास से हम अपने समाज को सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बना सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।