देश

सर्वोच्च न्यायालय ने नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों की एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सर्वोच्च न्यायालय ने नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों की एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया

रायपुर, 1 सितंबर 2026

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने 20 से 25 जुलाई के बीच देशभर में नीट पेपर लीक मुद्दे के सम्‍बंध में छात्र प्रदर्शनों से जुडी सभी प्राथमिकी बंद करने का आदेश दिया है। न्‍यायालय ने इन मामलों में आगे जांच न करने का आदेश दिया है। न्‍यायालय ने केन्‍द्र सरकार, दिल्‍ली पुलिस, बिहार, पश्‍चिम बंगाल, महाराष्‍ट्र और असम के दायर आवेदनों में उल्‍लेखित छात्र प्रदर्शनों से जुडी प्राथमिकियां भी रद्द कर दी हैं।

उसने कहा कि यह आदेश उन विद्यार्थियों के भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए दिया गया है, जो सद्भावना के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए थे। न्‍यायालय ने राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों को 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन की घटनाओं से जुडी कोई नई प्राथमिकी दर्ज न करने को कहा, हालांकि न्‍यायालय ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद दो हजार 873 लोगों के खिलाफ जांच जारी रखने की अनुमति दी है, जिन पर पहले से ही संगीन आपराधिक मामले हैं।

मुख्‍य न्‍यायाधीश सूर्यकांत, न्‍यायमूर्ति जॉयमाल्‍या बागची और न्‍यायमूर्ति वी० मोहना की पीठ ने संविधान के अनुच्‍छेद – 142 के अंतर्गत सर्वोच्‍च न्‍यायालय को मिली विशेष शक्‍तियों के तहत यह आदेश दिया। पीठ ने स्पष्ट किया कि यह आदेश विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पारित किया गया है और इसे उदाहरण के तौर पर नहीं माना जाएगा।

पीठ ने केन्‍द्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता का बयान दर्ज किया। उन्‍होंने कहा कि नीट यूजी-2026 परीक्षा के रद्द होने के कारण आत्‍म हत्‍या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए तीन महीनों के भीतर एक नीति बनाई जाएगी। पीठ ने कॉकरोच जनता पार्टी – सीजेपी का बयान भी दर्ज किया जिसमें पार्टी ने इस महीने की 5 तारीख को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा की थी। सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने पीठ को बताया कि केंद्र द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए उठाए गए कदमों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।