‘सशक्त बेटियां, सुरक्षित परिवार’ कार्यक्रम के तहत हजारीबाग में आत्मरक्षा के गुर सीख रहीं बेटियां
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हजारीबाग में बेटियों को आत्मरक्षा का दिया जा रहा प्रशिक्षण, ‘सशक्त बेटियां, सुरक्षित परिवार’ कार्यक्रम के तहत बेटियां सीख रहीं फ्रीस्टाइल तकनीक, कराटे, तलवार और दंड संचालन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की सामाजिक पहल।
Short Headline: ‘सशक्त बेटियां, सुरक्षित परिवार’ कार्यक्रम के तहत हजारीबाग में आत्मरक्षा के गुर सीख रहीं बेटियां
सशक्त बेटियां, सुरक्षित परिवार, हजारीबाग
हजारीबाग में बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
‘सशक्त बेटियां, सुरक्षित परिवार’ कार्यक्रम का आयोजन
कराटे, तलवारबाजी और दंड संचालन के सिखाए जा रहे गुर
आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की पहल
एंकर नवरात्र के अवसर पर हजारीबाग में बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने की पहल की जा रही है। जिले के गांधी मैदान में उमा जागृति फाउंडेशन की ओर से पांच दिवसीय ‘सशक्त बेटियां, सुरक्षित परिवार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें बेटियों को कराटे, तलवारबाजी और दंड संचालन सहित आत्मरक्षा के विभिन्न तरीके सिखाए जा रहे हैं।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ-1: मां दुर्गा की आराधना के बीच हजारीबाग में बेटियों को ‘सशक्त बेटियां, सुरक्षित परिवार’ कार्यक्रम के तहत सामर्थ्य और शौर्य का पाठ पढ़ाया जा रहा है। गांधी मैदान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बेटियां को फ्रीस्टाइल तकनीक, कराटे, तलवार और दंड चलाने का अभ्यास कर रही हैं। इसका उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है।
बाइट- राकेश कुमार, स्थानीय बाइट- जेपी जैन, शिक्षक
वीओ-2: स्थानीय महिलाओं ने भी इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है।
बाइट- निशा सिन्हा, स्थानीय बाइट- हेमा कुमारी, प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्रा
वीओ-3: आयोजकों ने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए प्रशासन के प्रयासों के साथ बेटियों का खुद सजग और सक्षम होना भी जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विपरीत परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने और चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने की सीख दी जा रही है।
बाइट- अविनाश कुमार, आयोजक बाइट- धर्मेंद्र ठाकुर, आयोजक
अंतिम वीओ: नवरात्र के अवसर पर आयोजित यह पहल बेटियों को सशक्त बनाने और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दे रही है। आत्मविश्वास, साहस और आत्मरक्षा के गुर सीखकर बेटियां सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही हैं।
हजारीबाग से गौरव प्रकाश की रिपोर्ट।