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Saudi Arabia की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं, Pakistan Army कर रही पूरी मदद

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
Saudi Arabia की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं, Pakistan Army कर रही पूरी मदद

(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 19 अक्टूबर पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ जनरल ने कहा है कि सऊदी अरब पर यमन के हूतियों के बढ़ते हमलों के बीच, उनका मुल्क खाड़ी देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए ‘‘हर जरूरी मदद” मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि सऊदी अरब की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और दो मस्जिदों की सुरक्षा पाकिस्तान के लिए ‘‘सर्वोपरि’’ है तथा इस पर ‘‘कोई समझौता नहीं’’ किया जा सकता।

लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने रविवार को डिजिटल समाचार पत्र इंडिपेंडेंट अरबिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘ऐसा करने के लिए जिस भी तरह के सहयोग की जरूरत है, वह दिया जा रहा है और आगे भी दिया जाएगा। ’’ हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह मदद किस तरह की होगी या इसका दायरा कितना होगा।

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने अगस्त में एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत इनमें से किसी भी देश पर हमले को उन सभी पर हमला माना जाएगा। लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने कहा कि हूतियों के हमलों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ‘‘गुस्से’’ वाली थी। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर कोई ‘‘अगर-मगर’’ नहीं हो सकता।

यह पूछे जाने पर कि अगर हमले जारी रहते हैं, तो क्या खाड़ी देश के लिए पाकिस्तान का समर्थन पूरी तरह से रक्षात्मक ही रहेगा, उन्होंने कहा कि गठबंधन के तीनों सदस्य इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि उनका ‘‘कोई आक्रामक इरादा नहीं है’’ और यह ‘‘पूरी तरह से रक्षात्मक’’ है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस्लामाबाद ने ईरान (जो हूतियों का समर्थन करता है) को कोई चेतावनी दी है, चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सभी पक्षों --जिसमें इस्लामी गणराज्य (ईरान) भी शामिल है-- के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि वे संयम बरतें और तनाव कम करें।

इन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कि यह गठबंधन ईरान या इजराइल का प्रतिरोध करने के मकसद से बनाया गया है, चौधरी ने कहा कि यह समझौता किसी ‘‘विशेष देश’’ के लिए नहीं है और इसका कोई आक्रामक इरादा नहीं है। मुस्लिम देशों के बीच एकजुटता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों को और बढ़ाने से कोई फायदा नहीं होगा, और बातचीत के जरिये समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मिस्र और सीरिया द्वारा इस गठबंधन में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला तीनों सदस्य देशों के राजनीतिक, रणनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर निर्भर करेगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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