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सऊदी छोड़िए अब तो रेंज में UAE, हूती तो गजब कर रहे हैं, कांप गए अंसारुल्लाह के दोनों दुश्मन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
सऊदी छोड़िए अब तो रेंज में UAE, हूती तो गजब कर रहे हैं, कांप गए अंसारुल्लाह के दोनों दुश्मन

यमन के अंसारुल्ला और सऊदी अरब के दरमियान जंग बढ़ती ही जा रही है। हूती सऊदी के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा हमलावर हो रहे हैं। अब उनकी दबिश सऊदी के तेल फैसिलिटी को ठिकाने लगाने की है। लगातार इससे जुड़ी खबरें आ रही हैं। सऊदी के पोर्ट और ऑयल फील्ड पर हमले बढ़े हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में जो सबसे बड़ा हमला हुआ है हूतियों का वह सऊदी अरब की अलशबा ऑयल फील्ड पर हुआ है।

अलशबा सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित एक विशाल और रणनीतिक कच्चे तेल का उत्पादन केंद्र है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे गर्म रेगिस्तानों में से एक रूब अलखाली के उत्तरी किनारे पर मौजूद है। कहा जाता है कि 1 मिलियन बैरल पर डे की इसकी ऑयल प्रोडक्शन है। तो इस अलशबा ऑयल फील्ड को हूतियों ने हैवी ड्रोन और मिसाइलों से टारगेट किया है।

एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे यह भी पता चल रहा है कि टेरिटोरियल गेंस बढ़ा है। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा रहा है कि हूती कौन से ड्रोन और मिसाइल यूज़ कर रहे हैं सऊदी के खिलाफ। यानी हूती जहां मौजूद हैं, वहां से अलशबा ऑयल फील्ड 1100 कि.मी.

की दूरी पर है। हूतियों की मिसाइल रेंज करीब 1000 किमी की है। इसका मतलब यह हुआ कि वो सऊदी के और करीब आ रहे हैं और अपनी 1000 किमी की रेंज वाली मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल करने की स्थिति में आ गए हैं। तभी यह मिसाइलें वहां पहुंच भी पा रही हैं। खास बात यह है कि सऊदी की अलशबा ऑयल फील्ड यूएई से सिर्फ 23 किमी की दूरी पर है।

यानी कुछ ही मिनट की दूरी से यूनाइटेड अरब अमीरात शुरू हो जाता है। जानकार कहते हैं कि यही वजह है कि यूएई अंसारुल्लाह के खिलाफ सऊदी के फेवर में खुलकर लड़ना नहीं चाहता है। क्योंकि उसे पता है कि अगर सऊदी के इन इलाकों तक अंसारुल्ला के मिसाइल और ड्रोन पहुंच रहे हैं तो उससे 2025 किमी आगे यूएई तक भी पहुंच सकते हैं।

यूएई जानता है कि अगर ऐसा हुआ तो तबाही मच जाएगी। अलशबा के आसपास यूएई के कई ऑयल फील्ड हैं। मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एंबेसी से अपने एंप्लाइज और उनकी फैमिली को तुरंत सऊदी अरब छोड़ने का हुक्म दे दिया है। जिस तरह हूतियों से उलझ कर सऊदी अरब को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

उससे अमेरिका को खदशा पैदा हो गया है कि कहीं हूती उसके ठिकानों पर मारना ना शुरू कर दें। अभी तक अमेरिका हूती सऊदी जंग में सीधे नहीं उतरा है और यमन में हूतियों से भिड़ने का उसका पुराना अनुभव बहुत ही खराब रहा है। हूती लड़ाकों ने सऊदी के एयरपोर्ट तेल फैसिलिटी और बुनियादी ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन मारे हैं।

बुधवार को भी जो हमले हुए थे उनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। इनमें दम्माम के इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर हमला और एक तेल फैसिलिटी पर किया गया ड्रोन अटैक शामिल रहा। ना सऊदी का कोई कोना बचा है ना ही कोई एयरपोर्ट बचा है। लगातार हमलों के बीच सऊदी समर्थित सेना पूरी तरीके से असहाय नजर आने लगी है।

पुती ना सिर्फ सऊदी के अंदर तक हमले कर रहे हैं बल्कि सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेना के कब्जे वाले इलाके भी अब हाथ से छूटते जा रहे हैं। हजारों के ड्रोन से करोड़ों के सामान तबाह किए जा रहे हैं। हूतियों की ओर से जारी नए फुटेज ने दुनिया को हैरान कर दिया। परेशान कर दिया। यमन के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक मारी व मोर्चे से जारी इस खौफनाक फुटेज ने अमेरिका, इसराइल और सऊदी अरब की सैन्य रणनीतियों की धज्जियां उड़ाकर रख दी।

हूतियों ने यह दिखाया कि कैसे दुनिया के सबसे आधुनिक हथियार यमनियों के देसी हथियार से कबाड़ किए जा सकते हैं। अंसारुल्ला यानी हूती लड़ाकों ने अपनी लेटेस्ट और घातक शुद्ध फाइबर ऑप्टिक एफपीवी ड्रोन टेक्नोलॉजी का ऐसा लाइव ऑपरेशन जारी किया है जिसे देखकर बड़े-बड़े डिफेंस एक्सपर्ट के भी पसीने छूट गए हैं।

सामने आए इस वीडियो फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे अंसारुल्लाह के ऑपरेटर्स ने पीएलसी और सऊदी समर्थित फौजों के सबसे मजबूत माने जाने वाले T5 एएम2 टैंक को बख्तरबंद गाड़ियों, तकनीकी वाहनों और सीमा पर गश्त लगा रहे जवानों को चुन चुनकर अपना निशाना बना लिया। इतना ही नहीं दूसरे ड्रोन से इसकी पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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