SEMICON India 2026: सिलिकॉन की दुनिया में भारत की दस्तक
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सितंबर 16, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता और स्टार्टअप शामिल होंगे।
इस साल SEMICON India की थीम है-‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: पूरा इकोसिस्टम बनाना’। इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के साथ-साथ चिप डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, उपकरण, कच्चे माल और सप्लाई चेन से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने की दिशा में हुई प्रगति को सामने रखना है।
सेमीकंडक्टर आज इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की बुनियाद बन चुके हैं। मोबाइल फोन, कार, ड्रोन, विमान, मेडिकल उपकरण, उपग्रह और रक्षा प्रणालियों समेत कई आधुनिक तकनीकों में इनका इस्तेमाल होता है। कोविड महामारी के दौरान चिप की वैश्विक कमी ने भी सेमीकंडक्टर की रणनीतिक अहमियत को सामने रखा।
भारत में पिछले एक दशक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में तेजी आई है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 में देश में करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान का उत्पादन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात करीब 38 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपये हो गया।
मोबाइल फोन निर्माण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014-15 में करीब 18 हजार करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का उत्पादन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी दौरान मोबाइल फोन का निर्यात करीब 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.59 लाख करोड़ रुपये हो गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में इस विस्तार के बाद अब भारत का अगला फोकस सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर है। वर्ष 2021 में शुरू हुए इंडिया सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के तहत चिप डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग, टेस्टिंग, उपकरण, कच्चे माल और कुशल प्रतिभाओं से जुड़े पूरे वैल्यू चेन को विकसित करने पर जोर दिया गया।
सरकार ने जुलाई 2026 में सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी है, जिसके तहत 1.27 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर निर्माण की मशीनरी और सामग्री, फैब, आधुनिक पैकेजिंग, अनुसंधान एवं विकास और कुशल प्रतिभाओं के विकास पर जोर दिया गया है।
जमीन पर भी सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता है। इनमें सिलिकॉन और कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, डिस्प्ले निर्माण और आधुनिक पैकेजिंग से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में चिप डिजाइन को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सरकार ने इस दशक के भीतर 85 हजार कुशल सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य रखा है। ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन यानी EDA के सॉफ्टवेयर और उपकरण 320 शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचाए गए हैं और 68 हजार से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इसके अलावा, 24 सेमीकंडक्टर डिजाइन परियोजनाओं को आर्थिक सहायता के लिए मंजूरी दी गई है। डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव यानी DLI योजना के तहत 105 स्टार्टअप और छोटे एवं मझोले उद्यमों को भी सहायता दी गई है।
अप्रैल 2026 तक 75 संस्थानों ने 211 चिप डिजाइन तैयार कर उत्पादन के अगले चरण यानी ‘टेप-आउट’ तक पहुंचाए थे। इनमें से सात चिप डिजाइन अलग-अलग तकनीकी स्तरों पर बनाए जा चुके हैं। इन प्रयासों से देश में चिप डिजाइन और तकनीकी प्रतिभाओं का आधार बढ़ रहा है।
C-DAC में ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ और DLI योजना के तहत स्थापित ChipIN Centre के जरिए इंजीनियरों और संस्थानों को आधुनिक चिप डिजाइन टूल्स, निर्माण से जुड़ी सेवाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा का लाभ 500 से अधिक संस्थानों के एक लाख से ज्यादा इंजीनियर उठा चुके हैं। इनमें 400 शैक्षणिक संस्थान और 100 स्टार्टअप शामिल हैं।
भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति अब घरेलू निर्माण से आगे बढ़कर वैश्विक सप्लाई चेन से भी जुड़ रही है। 2026 में भारत के Pax Silica गठबंधन में शामिल होने से वैश्विक सिलिकॉन और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में उसकी भागीदारी बढ़ी है। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर चिप निर्माण, AI सिस्टम और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचे तक पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
इसी व्यापक पृष्ठभूमि में SEMICON India 2026 को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की प्रगति को प्रदर्शित करने वाले प्रमुख मंच के तौर पर देखा जा रहा है। यशोभूमि में होने वाले इस आयोजन में 600 से अधिक प्रदर्शक और 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हिस्सा लेंगी। आयोजन में छह देशों और 12 राज्यों के पवेलियन के साथ स्टार्टअप शोकेस, छात्र हैकाथॉन, प्रतिभा विकास और महिला फोरम जैसे कार्यक्रम भी होंगे।
सेमीकंडक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था के लगभग हर महत्वपूर्ण क्षेत्र के लिए जरूरी हैं। ऐसे में भारत का लक्ष्य केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग, टेस्टिंग और सप्लाई चेन तक एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना है। SEMICON India 2026 इसी दिशा में भारत की प्रगति और भविष्य की योजनाओं को दुनिया के सामने रखने का मंच बनेगा।
Source: PIB
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सिलिकॉन से सिस्टम तक: पूरा इकोसिस्टम बनाना, यह विषय भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी भूमिका पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन से भारत को तकनीकी स्वावलंबन और निवेश आकर्षण में विश्वसनीयता मिलेगी। इससे आम जनता को बेहतर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, नौकरी के अवसर और आर्थिक विकास का लाभ मिलेगा, साथ ही भारतीय टेक्नोलॉजी के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा।