सेवा की कहानी: सुशासन से संवर रहा छत्तीसगढ़
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छत्तीसगढ़ में सुशासन और लोक कल्याण के नए युग का आगाज़ हो चुका है। राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘सेवा की कहानी’ पहल के माध्यम से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से लेकर शहरी अंचलों तक समाज के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जनजातीय परिवारों की समृद्धि, वर्षों से काबिज भूमि पर भू-स्वामित्व के अधिकार, कुपोषण से मुक्ति दिलाती पोषण-पहल और दिव्यांगजनों का आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण—ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर की बानगी पेश कर रहे हैं। 1.
स्टॉप डैम से बदली जनजातीय किसानों की तकदीर वनांचल और पहाड़ी क्षेत्रों में सिंचाई पानी के अभाव से जूझ रहे आदिवासी किसानों के लिए ‘स्टॉप डैम’ (Stop Dams) जीवनदायिनी साबित हो रहे हैं। 2.
वर्षों से काबिज भूमि पर मिला पट्टा, सुरक्षित हुआ भविष्य बरसों से अपनी ही जमीन पर अधिकार के इंतजार में बैठे जरूरतमंद और भूमिहीन परिवारों का सपना अब साकार हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर उन्हें भू-स्वामित्व (पट्टा) के पक्के दस्तावेज सौंपे जा रहे हैं। 3. ‘कोरिया मोदक’: सेहत की मिठास से संवर रहा मातृत्व कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू की गई नवाचार पहल ‘कोरिया मोदक’ (Koriya Modak) गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के जीवन में नया सवेरा ला रही है। 4.
सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को मिला आत्मनिर्भरता का संबल समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने की कड़ी में दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण (जैसे ट्राई-साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी और श्रवण यंत्र) वितरित किए जा रहे हैं। ‘सेवा की कहानी’ केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में विश्वास, सम्मान और खुशहाली लाने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ये जनहितकारी नीतियां ‘समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण को तेजी से साकार कर रही हैं। The post सेवा की कहानी: सुशासन से संवर रहा छत्तीसगढ़ appeared first on See Positive .
📡 स्रोत: NewsData.io