शाहजहांपुर में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश
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शाहजहांपुर में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्रीफिंग की गयी । इस दौरान निर्वाचन संबंधी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि निर्वाचन ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा प्रभावी गश्त के माध्यम से असामाजिक और अराजक तत्वों पर नजर रखी जाए। निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा करने और निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए।
ड्यूटी के दौरान अनुशासन, संयम और निष्पक्षता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। निर्वाचन की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं।ब्रीफिंग में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं निर्वाचन के नोडल अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, सभी क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक, थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
शाहजहांपुर में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बरेली‑मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन‑2026 के लिए विशेष निगरानी के निर्देश जारी किये गये हैं। पुलिस अधीक्षक ने रिजर्व पुलिस लाइन में अधिकारियों को ब्रीफिंग देकर चुनावी तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के उपाय बताए। यह कदम चुनाव की शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु उठाया गया है। इस निर्णय से आम जनता को सुरक्षित और सुव्यवस्थित चुनाव का अनुभव मिलेगा, जिससे मतदाता मनोबल बढ़ेगा और किसी भी प्रकार की अराजकता या दंगों की संभावना घटेगी।
🎙️ जनता का संदेश का मत
शासन के चुनावों में शांति और न्याय की बुनियाद समाज के हर वर्ग को जोड़ती है। जब पुलिस और नागरिक मिलकर नियमों का पालन करते हैं, तो मतदाताओं को बिना डर के अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार मिलता है। किसी भी विवाद को कानूनी मार्ग से सुलझाना, सहानुभूति और संवाद को प्राथमिकता देना, हमें एक सशक्त और समावेशी समाज की ओर ले जाता है।