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शहीद स्मारक पर मनाया गया 1965 भारत-पाक युद्ध का 61वां विजय दिवस

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
शहीद स्मारक पर  मनाया गया 1965 भारत-पाक युद्ध का 61वां विजय दिवस

डीसी राहुल कुमार ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सैनिकों को दी श्रद्धांजलि

सितंबर 23, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): 1965 के भारत-पाक युद्ध के 61वें विजय दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिक कल्याण समिति, हिमाचल प्रदेश द्वारा चंगर स्थित शहीद स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया गया। उन्होंने कहा कि 61वां युद्ध विजय दिवस वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य की ऐतिहासिक गाथाओं को स्मरण करने का अवसर है। सितंबर 1965 में भारतीय सेना की 3 जाट बटालियन ने डोगराई की ऐतिहासिक लड़ाई में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए डोगराई पर विजय प्राप्त की थी।

भारतीय सैनिकों की इस वीरता और बलिदान को देश आज भी गर्व और सम्मान के साथ याद करता है। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि विजय दिवस केवल युद्ध में भारत की विजय का स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन सभी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को याद करने तथा उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जिन्होंने देश की रक्षा और सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने देश की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिमाचल प्रदेश का भी भारतीय सेना में गौरवपूर्ण योगदान रहा है और बिलासपुर जिला वीर सैनिकों तथा शहीदों की समृद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है। राहुल कुमार ने कहा कि आज का दिन देश के वीर जवानों और शहीदों के साहस, त्याग और देशभक्ति को स्मरण करने के साथ-साथ उनके योगदान से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना से युवाओं को साहस, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र सेवा की भावना सीखने को मिलती है। हमारे सैनिकों ने जिस साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश की सीमाओं, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की है, उसी के कारण देशवासी सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विजय दिवस देश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और बिलासपुर जिला के लिए भी गौरव का महत्वपूर्ण अवसर है।

ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और वीर सैनिकों के आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके त्याग और सेवाओं को सदैव सम्मान के साथ याद रखेगा। समारोह में पूर्व सैनिक कल्याण समिति के पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरनाथ धीमान और अध्यक्ष कैप्टन संजय कुमार, कैप्टन धनीराम, कैप्टन सोहन सिंह, ,पूर्व सैनिक, वीर नारियां, शहीद परिवारों के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

🎙️ जनता का संदेश का मत

शहीद स्मारक पर 61वां विजय दिवस मनाते हुए हमें याद दिलाता है कि संघर्षों का समाधान शांति और सहमति से ही संभव है। जैसे युद्ध के बाद शांति की आवश्यकता होती है, वैसे ही व्यक्तिगत विवादों में संवाद और कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए। संघर्षों के बजाय एकजुटता, सम्मान और समझदारी को बढ़ावा दें, ताकि हम सभी के लिए एक सुरक्षित, समृद्ध समाज बना सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।