शहीद वीर अब्दुल हमीद के बलिदान-दिवस पर जुटेंगे सैन्य अधिकारी:गाजीपुर में बनेगा 21 परमवीर चक्र विजेताओं का स्मारक, गृह-रक्षा राज्य मंत्री करेंगे शिलान्यास
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →गाजीपुर के धामूपुर गांव में गुरुवार को परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद का 61वां बलिदान दिवस मनाया जाएगा। वीर अब्दुल हमीद मेमोरियल पार्क में दोपहर 1 बजे श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान देश के पहले 21 परमवीर चक्र विजेताओं की स्मृति में बनने वाले स्मारक का शिलान्यास किया जाएगा।
शहीद अब्दुल हमीद के पौत्र मोहम्मद परवेज के अनुसार कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शामिल होंगे। कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव के साथ सेना के 39 जीटीसी के ब्रिगेडियर और कई सैन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगी। इसके बाद सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसी दौरान शहीद की पत्नी रसूलन बीवी के नाम पर चौक, पिता पहलवान मोहम्मद उस्मान खलीफा के नाम पर रास्ते और उनके करीबी मित्र रहे स्वर्गीय बच्चा सिंह के नाम पर रास्ते का उद्घाटन भी किया जाएगा।
प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद होगा गार्ड ऑफ ऑनर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया जाएगा। इसके बाद सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों और परमवीर चक्र विजेताओं की मौजूदगी शहीद की वीरता और बलिदान को सम्मान देने का संदेश देगी।
परिवार से जुड़े लोगों की स्मृति को भी मिलेगा सम्मान आयोजन के दौरान शहीद की पत्नी रसूलन बीवी के नाम पर चौक का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही उनके पिता पहलवान मोहम्मद उस्मान खलीफा के नाम पर रास्ते और करीबी दोस्त रहे स्वर्गीय बच्चा सिंह के नाम पर रास्ते का भी उद्घाटन होगा। इन नामकरणों के जरिए शहीद से जुड़े परिवार और सहयोगी लोगों की स्मृतियों को भी गांव में स्थायी पहचान दी जाएगी।
1965 के युद्ध में पैटन टैंकों को किया था ध्वस्त वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में असाधारण साहस का परिचय दिया था। असल उत्तर के मोर्चे पर उन्होंने पाकिस्तानी पैटन टैंकों को ध्वस्त किया था। युद्ध के दौरान राष्ट्र की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और अदम्य साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
21 परमवीरों की स्मृति में बनेगा स्थायी स्मारक धामूपुर में बनने वाला स्मारक देश के पहले 21 परमवीर चक्र विजेताओं की स्मृति को समर्पित होगा। यह आयोजन सिर्फ वीर अब्दुल हमीद की वीरता को याद करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन सभी परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि देगा, जिन्होंने अलग-अलग युद्धों और मोर्चों पर देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर किया।
21 परमवीरों की स्मृति में बनने वाला यह स्मारक धामूपुर को सैनिक शौर्य, साहस और बलिदान की स्थायी पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io