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शामली की प्लास्टिक फैक्टरी में मिला ऑपरेटर का शव:शामली में प्लास्टिक फैक्टरी के कमरे में पंखे से लटका मिला शव

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
शामली की प्लास्टिक फैक्टरी में मिला ऑपरेटर का शव:शामली में प्लास्टिक फैक्टरी के कमरे में पंखे से लटका मिला शव

शामली के कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार रात प्लास्टिक फैक्टरी के एक कमरे में 31 वर्षीय मशीन ऑपरेटर का शव पंखे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस शुरुआती जांच में मामले को आत्महत्या से जोड़कर देख रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कंडेला-शेखूपुरा स्थित प्लास्टिक फैक्टरी आदेश कुमार की बताई जा रही है। यहां बिहार के मांसी थाना क्षेत्र के मडीपुर कला गांव निवासी सुमित कुमार करीब ढाई साल से मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा था। शनिवार रात काम खत्म करने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया था।

रात 12 बजे कमरे में लटका मिला शव रात करीब 12 बजे फैक्टरी में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों ने सुमित के कमरे में जाकर देखा। वहां उसका शव छत के पंखे से कपड़े के फंदे के सहारे लटका हुआ था। कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के बाद शव को नीचे उतरवाया।

हरियाणा में काम करता है मृतक का भाई पुलिस ने घटना की जानकारी सुमित के परिवार को दी। उसका भाई मनदीप हरियाणा के सोनीपत में एक फैक्टरी में काम करता है। सूचना मिलने के बाद वह शामली पहुंचा। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मोहित कुमार ने बताया कि सुमित की शादी नहीं हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे होगी कार्रवाई उपनिरीक्षक मोहित कुमार के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।

हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ जनता का संदेश का मत

इस दुखद घटना से यह स्पष्ट होता है कि मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल सुरक्षा को अनदेखा नहीं किया जा सकता। जब काम के दबाव और अकेलेपन से मन पर भारी बोझ पड़े, तो सहायता के लिए परिवार, सहकर्मी और विशेषज्ञ से संवाद करना ज़रूरी है। कंपनियों को कर्मचारियों के लिए परामर्श सेवाएँ और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए। याद रखें, जीवन सबसे कीमती है, और मदद माँगना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस का परिचायक है।

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