अपराध

शपथ पत्र और वरमाला के बाद ससुराल पक्ष का असली चेहरा आया सामने, जेवर छीनकर महिला को बच्चियों सहित निकाला बाहर

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026 👁️ 15 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
शपथ पत्र और वरमाला के बाद ससुराल पक्ष का असली चेहरा आया सामने, जेवर छीनकर महिला को बच्चियों सहित निकाला बाहर

शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने शपथपत्र और हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने के बाद पति, सास और ननद पर मारपीट, प्रताड़ना और जेवर छीनकर घर से बाहर निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिला ने आज बुधवार दोपहर 2 बजे महिला पुलिस थाना शिवपुरी पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

मामले के मुताबिक, मूल रूप से मऊरानीपुर (झांसी) की रहने वाली और हाल ही में दिनारा के हरिजन मोहल्ला में निवास कर रही श्रीमती रजनी (पति स्व. भगवानदास अहिरवार) के पति का पहले ही देहांत हो चुका है। रजनी के अनुसार, दिनारा निवासी संजय कुमार गौतम (पुत्र बनमाली प्रसाद) ने उसे बताया था कि उसकी अपनी पहली पत्नी से तलाक हो चुका है। इसके बाद संजय ने आपसी सहमति से एक शपथपत्र तैयार करवाया और 14 फरवरी 2026 से रजनी को अपनी दो बच्चियों सहित पत्नी के रूप में जीवनभर साथ रखने का वादा किया।

इसके बाद 29 जुलाई 2026 को संजय हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार भगवान को साक्षी मानकर और एक-दूसरे को माला पहनाकर रजनी को अपने घर ले आया था। इस दौरान गवाह के रूप में हरीगोपाल और सदाराम अहिरवार मौजूद रहे थे।

शुरुआती कुछ दिन तो सब ठीक चला, लेकिन आरोप है कि कुछ समय बाद पति संजय कुमार गौतम, सास रामवती गौतम, ननद संगीता गौतम और उनके बहनोई अजबसिंह ने मिलकर रजनी और उसकी बच्चियों को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग लगातार अवैध रूप से रुपयों की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 17 सितंबर 2026 को आरोपियों ने एकराय होकर रजनी की बेरहमी से पिटाई की, उसका सारा जेवर उतार लिया और सिर्फ पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर निकाल दिया।

पीड़िता का यह भी कहना है कि जब उसने इस घटना की शिकायत थाना दिनारा में की, तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय सिर्फ सादा कागज पर आवेदन लेकर छोड़ दिया और आज दिनांक तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब न्याय की आस में पीड़ित महिला ने महिला थाना शिवपुरी में आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, प्रकरण दर्ज करने और अपनी व बच्चियों की जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस दौरान उसने शादी के फोटो, शपथपत्र और थाने में दिए गए आवेदन की कॉपी भी साक्ष्य के तौर पर संलग्न की है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर एक महिला के द्वारा ससुराल पक्ष पर शपथपत्र और हिंदू रीति-रिवाज के बाद हुए अत्याचारों के बारे में है, जिसमें पति, सास और ननद पर मारपीट, प्रताड़ना और जेवर छीनने के आरोप हैं। यह विषय परिवारिक हिंसा और घरेलू दुर्व्यवहार के प्रति समाज की जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि पारिवारिक परंपराएँ कभी-कभी दमन का कारण बन सकती हैं। इस खबर का आम जनता पर असर यह हो सकता है कि लोग घरेलू हिंसा के प्रति संवेदनशील हों और कानून की सहायता लेने के महत्व को समझें।

🎙️ जनता का संदेश का मत

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि हिंसा कभी समाधान नहीं है। घरेलू विवादों का समाधान कानूनी मार्ग, मध्यस्थता या परिवार परामर्श से होना चाहिए। गुस्से को संयम और संवाद से दूर रखें। समाज को एकजुट होकर महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए, ताकि हर परिवार में सहानुभूति और न्याय की भावना बनी रहे। पीड़ित के प्रति गहरी संवेदना और उसके लिए न्याय की आशा व्यक्त करते हैं।

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं