राज्य

शीला दीदी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
शीला दीदी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

बाराबंकी के देवा ब्लॉक के मुजफ्फर मऊ गांव की शीला देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी हैं। वर्ष 2018 में एनआरएलएम के तहत रविदास स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सिलाई मशीन से अपना सफर शुरू किया और जूट बैग व दोना-पत्तल का कारोबार खड़ा किया। आज उनका कारोबार करीब 8 से 10 लाख रुपये का है और 40 से 50 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। हर महीने 25 से 30 हजार रुपये की बचत करने वाली शीला देवी ‘लखपति दीदी’ अभियान की प्रेरणादायी मिसाल बन गई हैं।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।