देश

शिवपुरी- आजीविका मिशन से बदली संपत पाल की जिंदगी, 3 लाख रुपये का ऋण लेकर खरीदा प्लॉट; अब मैनेजर बनकर महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
शिवपुरी- आजीविका मिशन से बदली संपत पाल की जिंदगी, 3 लाख रुपये का ऋण लेकर खरीदा प्लॉट; अब मैनेजर बनकर महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण

शिवपुरी। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के ग्राम मामौनी खुर्द निवासी श्रीमती संपत पाल की कहानी इसका उदाहरण है। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवन बिताने वाली संपत पाल आज न केवल वित्तीय रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम कर रही हैं।

स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मजबूती

एक समय संपत पाल के सामने परिवार की जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने की चुनौती थी। ग्रामीण परिवेश में रोजगार और आजीविका के सीमित अवसरों के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी दौरान वे मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, वित्तीय अनुशासन और आपसी सहयोग का महत्व समझ आया। मिशन के माध्यम से मिले मार्गदर्शन और ऋण सुविधा ने उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का अवसर दिया। उन्होंने जरूरत के अनुसार समूह से ऋण लिया और उसका नियमित रूप से शत-प्रतिशत भुगतान कर वित्तीय अनुशासन का परिचय दिया।

3 लाख रुपये के ऋण से खरीदा प्लॉट

संपत पाल ने स्वयं सहायता समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग का बेहतर नियोजन करते हुए 3 लाख रुपये का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक प्लॉट खरीदा। इस उपलब्धि ने उन्हें आर्थिक सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। अपनी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता के बल पर वे अब क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) प्रशिक्षण केंद्र की मैनेजर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। यहां वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

दूसरी महिलाओं को भी बना रहीं आत्मनिर्भर

संपत पाल की भूमिका अब उनकी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। वे सीएलएफ प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने में योगदान दे रही हैं। उनके मार्गदर्शन में कृषि सखी, पशु सखी, वीडीएस सहित विभिन्न गतिविधियों से जुड़े प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं नए कौशल सीख रही हैं और अपनी आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायता मिल रही है।

आजीविका मिशन के प्रति जताया आभार

अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपत पाल ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। मिशन से जुड़ने के बाद उन्हें वित्तीय मजबूती के साथ समाज में एक सम्मानजनक पहचान भी मिली है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित योजनाओं के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश शासन और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का आभार व्यक्त किया।

संपत पाल की यात्रा यह दर्शाती है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ाव, वित्तीय अनुशासन और कौशल विकास के अवसर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित कर सकते हैं।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।