आज से श्राद्ध पक्ष शुरू, 15 दिन होंगे पितरों के नाम
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आज से श्राद्ध पक्ष की शुरुआत हो गई है, जिसे पितरों के तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान सात्विक भोजन किया जाता है और मांगलिक कार्यों से परहेज रखा जाता है।
26 सितंबर, श्राद्ध पक्ष की शुरुआत: आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अवधि पितरों के तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म के लिए विशेष मानी जाती है। माना जाता है कि इस दौरान श्रद्धापूर्वक किए गए श्राद्ध कर्म से पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
श्राद्ध पक्ष के दौरान लोग अपने पितरों को याद कर तर्पण और अन्य धार्मिक कर्म करते हैं। इस अवधि में सात्विक भोजन करने की परंपरा है, जबकि मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है।
पितृ पक्ष में भोजन का पहला हिस्सा गाय, कुत्ते, कौवे, देवताओं और चीटियों के लिए निकालने की भी धार्मिक मान्यता है। इसे पंच ग्रास कहा जाता है। 15 दिनों तक चलने वाली इस अवधि में लोग अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार पितरों के निमित्त विभिन्न धार्मिक कर्म करते हैं।
होल्ड बाइट - पंडित राज कुमार चतुर्वेदी
💡 पृष्ठभूमि (Background)
श्राद्ध पक्ष एक धार्मिक अवधि है, जिसमें पितरों के तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म का पालन किया जाता है। यह 15 दिन चलती है और इस दौरान सात्विक भोजन किया जाता है तथा मांगलिक कार्यों से परहेज रखा जाता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह समाज में धार्मिक परंपराओं और पितृभक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाती है। लोगों को अपने पितरों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर मिलता है। इसके प्रभाव से परिवारों में एकजुटता बढ़ती है, धार्मिक रीति-रिवाजों की पुनः पुष्टि होती है और समाज में सांस्कृतिक मूल्यों