सीधी- शहीद स्मारक पर अर्पित की श्रद्धांजलि, वीर सपूत के सर्वाेच्च बलिदान को किया नमन
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सेवा संकल्प वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान अभियान के अंतर्गत रविवार को सीधी जिले के वीर सपूत शहीद लांस नायक सुधाकर सिंह बाघेल के शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया गया। ग्राम डढ़िया तहसील चुरहट स्थित शहीद स्मारक पर शहीद के पिता सच्चिदानंद सिंह, ग्रुप कैप्टन सिद्धार्थ श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सीधी, नायब तहसीलदार चुरहट, शहीद के परिजनों एवं ग्रामवासियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर शहीद के माता-पिता को उनके निवास पर पहुंचकर शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
शहीद लांस नायक सुधाकर सिंह बाघेल भारतीय सेना की 13 राजपूताना राइफल्स में सेवारत थे। वे 8 जनवरी 2013 को ऑपरेशन रक्षक के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सेना के विरुद्ध संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी वीरता, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण आज भी जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका सर्वाेच्च बलिदान सीधी जिले और संपूर्ण विंध्य क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ग्रुप कैप्टन सिद्धार्थ श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) एवं नायब तहसीलदार चुरहट ने शहीद के पिता सच्चिदानंद सिंह, माता एवं परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान शहीद को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा ग्रामवासियों से भी मुलाकात की गई। शहीद के माता-पिता का सम्मान कर उनके त्याग, समर्पण और राष्ट्र के प्रति योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ग्रुप कैप्टन सिद्धार्थ श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) ने कहा कि समाज, अभिभावकों एवं शिक्षकों को सेना के वीर जवानों के बलिदान और आदर्शों से युवाओं को अवगत कराना चाहिए तथा उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना चाहिए। शहीद परिवारों को आदर, सम्मान, स्नेह एवं सहयोग प्रदान करना हम सभी का दायित्व है। शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि उनके आदर्शों को आत्मसात किया जाए और आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग एवं वीरता से परिचित कराया जाए।
सेवा संकल्प वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान अभियान के माध्यम से वीर शहीदों के बलिदान का स्मरण करने, उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने तथा युवाओं में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना जागृत करने का संदेश दिया गया।