सीहोर- बुधनी के लकड़ी के खिलौने बने ‘वोकल फॉर लोकल’ की मिसाल
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सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधनी के पारंपरिक लकड़ी के खिलौना उद्योग को ‘वोकल फॉर लोकल’ की मिसाल बताया गया है। करीब 100 से 200 वर्ष पुरानी इस कला को विश्वकर्मा समुदाय की कई पीढ़ियां आगे बढ़ा रही हैं। दूधी की लकड़ी से बने ये पर्यावरण-अनुकूल खिलौने देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं और अब उपहार, सजावट के साथ निर्यात बाजार तक पहुंच रहे हैं।