राजनीति

SIR पर SC के निर्देश, केरलम में समयसीमा नहीं बढ़ेगी, यूपी में फॉर्म-7 की जांच

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
SIR पर SC के निर्देश, केरलम में समयसीमा नहीं बढ़ेगी, यूपी में फॉर्म-7 की जांच

अक्टूबर 30, नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केरलम और उत्तर प्रदेश से जुड़े मामलों में अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने केरलम में SIR की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश चुनाव आयोग को दिया है।

केरलम में SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि समयसीमा बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और विवरण में सुधार की प्रक्रिया अभी जारी है। हालांकि, अदालत ने उन मतदाताओं के मामलों पर विचार करने का रास्ता खुला रखा, जो निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं कर सके। ऐसे मतदाताओं का विवरण चुनाव आयोग को सौंपा जा सकेगा। आयोग ने भी इन मामलों पर विचार कर अदालत में रिपोर्ट पेश करने का भरोसा दिया है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में SIR के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में उठा। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ फॉर्म पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के हस्ताक्षर थे। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे में भी विसंगतियां होने का दावा किया।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अब तक निपटारा नहीं हुई शिकायतों का पूरा ब्योरा चुनाव आयोग को देने का निर्देश दिया। साथ ही आयोग से इन शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा।

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने बताया कि बड़ी संख्या में जमा हुए फॉर्म-7 की जांच की गई थी और उनमें अनियमितताएं पाई गई थीं। आयोग के मुताबिक, इन फॉर्म के आधार पर किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से स्पष्ट है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने के साथ ही पात्र मतदाताओं के अधिकारों और शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

फ़ाइल फ़ोटो

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।