सिर्फ भारत नहीं, UPI सर्विस वाले 11 देशों में भी लगेगा पेमेंट पर चार्ज- वित्त मंत्रालय सूत्र
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भारत में 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर इन दिनों बवाल मचा हुआ है.
देश भर के व्यापारियों और कारोबारी संगठनों में इसे लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है.
आलम यह है कि अब व्यापारियों ने इसके खिलाफ 2 अक्टूबर को 'No UPI Day' मनाने का फैसला लिया है.
इस दौरान दुकानदार ग्राहकों से UPI के जरिए पेमेंट नहीं लेंगे और दुकानों से UPI बोर्ड या तो हटा देंगे या काले कपड़े से ढ़क देंगे.
देश में यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर यानी 0.4% के चार्ज के विरोध के बीच अब खबर आई है कि भारत के अलावा जिन-जिन देशों में यूपीआई चलता है, वहां भी एमडीआर वाला नियम लागू किया जाएगा.
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी है.
यानी कि भारत में लागू होने वाला यूपीआई एमडीआर का नियम अब ग्लोबल होने जा रहा है.
वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि बदले हुए MDR स्ट्रक्चर का मकसद UPI इकोसिस्टम के लिए एक ज्यादा टिकाऊ फाइनेंशियल मॉडल बनाना है, जो अब तक मुख्य रूप से मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए जीरो-MDR व्यवस्था के तहत काम कर रहा था.
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह भी कहा है कि MDR से UPI इकोसिस्टम को बनाए रखने की पूरी लागत कवर नहीं होती है और ये दरें इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत करके तय की हैं.
सरकार की 15 अक्टूबर की समय-सीमा को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.
VIDEO | PTI Exclusive: MDR on UPI payments above Rs 2,000 will not be passed on to customers, says Finance Minister Nirmala Sitharaman.
She says, "This is a complete misconception.
Today, the opposition is levelling allegations against the government without fully understanding pic.twitter.com/tNh5FzWAF0
Press Trust of India (@PTI_News) September 24, 2026
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत में 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) में बदलाव के चलते व्यापारियों और कारोबारी संगठनों में गुस्सा भड़क गया है। इस नई नीति के तहत UPI पर होने वाले लेनदेन पर अधिक शुल्क लगेंगे, जिससे व्यापारियों के लाभ में कमी और लागत बढ़ने की आशंका है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UPI देश में नकदी रहित लेनदेन का प्रमुख माध्यम है और इसके शुल्क में बदलाव से लाखों छोटे व मध्यम उद्यमों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा। आम जनता पर असर यह हो सकता है कि UPI के माध्यम से भुगतान में