सितंबर की बारिश में धान पर बड़ा खतरा, बालियों में दिखें ये लक्षण तो सावधान, जानें बचाव के टिप्स
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Agriculture News: कंडवा रोग फंगस से होने वाली बीमारी है, इसलिए इसके नियंत्रण के लिए सामान्य कीटनाशक की जगह फफूंदनाशक का उपयोग करें.
पेस्टीसाइड एक्सपर्ट अमित सिंह ने कहा कि प्रोपिकोनाजोल जैसे फफूंदनाशक की 200 मिलीलीटर मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव किया जा सकता है.
📡 स्रोत: News18 Hindi MP
💡 पृष्ठभूमि (Background)
साल के सबसे महत्वपूर्ण कृषि मौसमों में से एक, सितंबर की बारिश, धान के लिए बड़ा खतरा बन रही है। कंडवा रोग, एक फफूंदजनित बीमारी, बारिश के बाद तेजी से फैलती है और फसल को नष्ट कर सकती है। इस खबर का महत्व इस बात में है कि यह किसानों को समय पर चेतावनी देती है और उन्हें फफूंदनाशक प्रोपिकोनाजोल के उपयोग के बारे में बताती है, जिससे वे फसल की रक्षा कर सकते हैं। यदि किसान इस मार्गदर्शन का पालन नहीं करते, तो फसल में भारी नुकसान हो सकता है, जिससे खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय पर प्रत्यक्ष असर पड़ेगा।