सीतापुर: बाढ़ के पानी में डूबने से किसान की मौत:खेत देखने गए 51 साल के किसान पोते के सामने डूबे, राहगीरों ने निकाला पर जान नहीं बची,
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सीतापुर के लहरपुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ का पानी लगातार लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। सोमवार दोपहर करीब 4 बजे कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत चेनिया के पास बाढ़ के पानी में डूबने से 51 वर्षीय किसान की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बिलरिया निवासी रामखेलावन पुत्र मिश्रीलाल (51) ने गांव के ही सुधीर सिंह का खेत बंटाई पर ले रखा था। खेत में धान की फसल लगी हुई थी। सोमवार दोपहर रामखेलावन अपने 12 वर्षीय पोते आदर्श पुत्र विपिन कुमार के साथ चेनिया से विलायतपुरवा जाने वाले मार्ग के पास स्थित खेत में धान की फसल देखने पहुंचे थे।
बताया जाता है कि बाढ़ का पानी खेतों और आसपास के क्षेत्र में भरा हुआ था। रामखेलावन जैसे ही खेत की ओर जाने के लिए पानी में उतरे, अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दादा को डूबता देख पीछे खड़े पोते आदर्श ने घबराकर शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे राहगीर मौके पर पहुंचे और पानी में उतरकर किसान की तलाश शुरू की।
कड़ी मशक्कत के बाद राहगीरों ने रामखेलावन को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ लहरपुर भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी के कारण क्षेत्र में पहले से ही आवागमन प्रभावित है और खेतों तक पहुंचना भी जोखिम भरा हो गया है।
📡 स्रोत: NewsData.io