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स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों के कार्यों और दायित्वों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों के कार्यों और दायित्वों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए

स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पदस्थ प्राचार्यों के कार्यों और दायित्वों को लेकर नए दिषा-निर्देष जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने कहा है कि स्कूलों में पदस्थ सभी प्राचार्य समस्त प्रषासनिक और वित्तीय कार्यों का निर्वहन करेंगे।

साथ ही आवष्यकतानुसार प्राचार्यों द्वारा न्यूनतम दो कालखंड अध्यापन प्रतिदिन कराया जाएगा। जारी निर्देष के अनुसार विद्यालय भवन के ड्राइंग डिजाइन के अनुसार प्राचार्य, लिपिक, स्टाफ अपने निर्धारित कक्ष में ही बैठेंगे। इसी तरह, विद्यालय में स्थित बड़े कक्षों का उपयोग छात्र-छात्राओं के अध्ययन और अध्यापन कार्य में किया जाएगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों के कार्यों और दायित्वों पर जारी नए दिशा-निर्देश एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विषय प्राचार्य के प्रशासनिक, वित्तीय और शिक्षण जिम्मेदारियों को स्पष्ट करता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि इससे प्राचार्य की भूमिका में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, और स्कूलों के प्रबंधन में सुधार संभव होगा। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक रहेगा, क्योंकि बेहतर प्रबंधन से शिक्षण गुणवत्ता बढ़ेगी, संसाधनों का सही उपयोग होगा और छात्रों को बे

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।