सोने पर टैक्स बढ़ा तो तस्करी 1500% बढ़ी, देश में 50 टन सोना चोरी से आया
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भारत में हाल ही में सोने के आयात पर शुल्क बढ़ाया गया है.
इसका मकसद था कि देश की अर्थव्यवस्था ठीक रहे और विदेशी मुद्रा भंडार पर नियंत्रण बना रहे. लेकिन सरकार का ये फैसला तो ज्यादा सिरदर्दी लेकर आया है.
क्योंकि सोने के आयात पर टैक्स बढ़ने के कारण अब सोने के आयात की स्मगलिंग ज्यादा होने लगी है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि, इस साल की तीसरी तिमाही में भारत में सोने का अवैध आयात सबसे ज्यादा हुआ है.
इस अवैध आयात ने तो साल 2023 का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है.
क्या कहते हैं आंकड़े? दरअसल कंसल्टेंसी मेटल्स फोकस के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर के बीच इन्फॉर्मल शिपमेंट में 1,500% से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है.
ये एक साल पहले के 3 मीट्रिक टन से बढ़कर 50 मीट्रिक टन हो गया है.
हालांकि रिपोर्ट में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि इस व्यापार को कैसे ट्रैक किया जाता है.
कैसे होती है स्मगलिंग? इस तरह का अवैध आयात आमतौर पर ऐसे रास्तों से होता है जहां सरकारी शुल्क नहीं चुकाने पड़ते, जैसे कि तस्करी के ज़रिए या फिर जब कोई व्यक्ति अपने साथ थोड़ी मात्रा में सामान लाता है.
WGC का कहना है कि इससे पहले, टैक्स बढ़ने से ऐसे रास्तों के जरिए अवैध रूप से सोना आयात करने को बढ़ावा मिल जाता है.
सरकार ने कब बढ़ाया आयात शुल्क?
बता दें कि दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उपभोक्ता देश में सोना-चांदी बाजार खूब फल-फूल रहा है.
ऐसा तब से हुआ है, जब इस साल की शुरुआत में सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ाकर 15% कर दिया.
सरकार का ये कदम सोना-चांदी की खरीद को नियंत्रित करने के प्रयासों का हिस्सा था, क्योंकि भारत को ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण बढ़ते व्यापार घाटे का सामना करना पड़ रहा है.
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar