स्थानीय अवसरों में स्टार्ट-अप: कपास, मिर्च और पर्यटन से खुलेगी राह
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भास्कर संवाददाता| बड़वानी जिले की स्थानीय जरूरतें युवाओं के लिए नए कारोबार के अवसर बन सकती हैं। कृषि, कपास-मिर्च उत्पादन, जनजातीय कला, स्थानीय उत्पाद, पर्यटन और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी समस्याओं के समाधान खोजकर युवा अपने व्यावसायिक विचारों को स्टार्ट-अप के रूप में विकसित कर सकते हैं।
इसी दृष्टिकोण से प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में हैकाथॉन, नवाचार, व्यवसाय व स्टार्ट-अप इंक्यूबेशन सेंटर विषय पर संवाद आयोजित किया गया। स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित संवाद में विद्यार्थियों को नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने और उद्यमिता की संभावनाएं पहचानने की जानकारी दी गई।
डॉ.
मधुसूदन चौबे ने बताया कि हैकाथॉन के माध्यम से किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए सीमित समय में विचारों पर काम किया जाता है। इससे रचनात्मक सोच, टीम भावना और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित होती है। जिले में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्र नवाचार की संभावनाएं रखते हैं।
कपास-मिर्च उत्पादकों के लिए बेहतर विपणन, स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन, जनजातीय कला को व्यापक बाजार तक पहुंचाना, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना, जल संरक्षण जैसी जरूरतों पर युवा नए व्यावसायिक विचार विकसित कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर स्थानीय उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री, कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन, पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने से जुड़ी सेवाओं पर काम किया जा सकता है।
ये संभावित अवसर हैं। इनकी व्यवहार्यता बाजार और संसाधनों के आधार पर परखी जाना जरूरी है। किसी विचार को व्यवसाय में बदलने से पहले उसकी उपयोगिता, संभावित ग्राहक, लागत, संसाधन और बाजार की मांग समझना आवश्यक है। स्टार्ट-अप इंक्यूबेशन सेंटर इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ परामर्श दे सकता है। शुरुआती व्यावसायिक योजना तैयार करने में सहयोग भी कर सकता है।
प्राचार्य डॉ.
वीणा सत्य ने बताया कि करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ उद्यमिता के क्षेत्र में विद्यार्थियों को परामर्श उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), वित्तीय विशेषज्ञों, उद्यमियों से मार्गदर्शन लेने की पहल की जा रही है। संवाद का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय जरूरतें पहचानने और उन्हें उपयोगी व्यावसायिक विचारों में बदलने की दिशा में प्रेरित करना रहा।
📡 स्रोत: NewsData.io