सुल्तानपुर में केस वापस लेने का दबाव:महिला से मारपीट और छेड़खानी, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सुल्तानपुर में कोर्ट के आदेश पर बंधुआकलां पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। महिला ने आरोप लगाया है कि मुकदमा वापस न लेने पर कुछ लोगों ने उसके साथ लोहे की रॉड से मारपीट की, सोने की चेन छीनी और बदतमीजी करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
यह मामला बंधुआकलां थाना क्षेत्र का है। अमेठी जिले के भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि 4 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे वह सिविल कोर्ट सुलतानपुर से एक मुकदमे की पैरवी करके अपने घर लौट रही थी। बेटे के खिलाफ दर्ज मुकदमा डेराबसी ढाबे के पास वह गाड़ी का इंतजार कर रही थी, तभी बोलेरो सवार आरोपी वहां पहुंचे।
महिला का आरोप है कि शिवरतनगंज थाना (अमेठी) क्षेत्र के सिंहपुर निवासी अब्दुल रहमान अपने 3-4 अज्ञात साथियों के साथ बोलेरो गाड़ी से आया। उसने महिला को धमकी दी कि वह उसके वापस ले ले, नहीं तो उसे जान से मार दिया जाएगा। लोहे की रॉड से हमला महिला के मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
इस दौरान महिला की सोने की चेन छीन ली गई और बीच सड़क पर उसके साथ मारपीट व छेड़खानी की गई। राहगीरों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। महिला का आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने न तो रिपोर्ट लिखी और न ही मेडिकल जांच कराई। इसके बाद महिला ने एसपी को रजिस्ट्री से प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
तब उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया, जिसके बाद बीएनएस की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच उपनिरीक्षक विजय शंकर पांडेय को सौंपी गई है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
सुल्तानपुर की इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि हिंसा का कोई समाधान नहीं है। जब भी किसी विवाद का सामना हो, कानूनी मार्ग अपनाना सबसे सुरक्षित और न्यायसंगत विकल्प है। समाज को चाहिए कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिये जागरूकता फैलाए, पुलिस और न्यायपालिका को सशक्त बनाए, तथा सभी को सहानुभूति और संयम के साथ समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करे।