सुल्तानपुर में पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, सोलर पैनल और रोजगार सृजन की पहल
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सुल्तानपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में सुशासन सेवा संवाद आयोजित हुआ। इसमें निवर्तमान ग्राम प्रधानों, प्रशासकों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने ग्रामीण विकास एवं सरकारी योजनाओं पर चर्चा की। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार सृजन पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों से स्वच्छता, शिक्षा और विकास कार्यों में उत्कृष्टता लाकर गांवों को प्रदेश और देश स्तर पर पहचान दिलाने का आह्वान किया।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के जरिए खाद्य उत्पाद तैयार कर दूसरे जिलों के बाजारों तक पहुंचाने तथा पंचायतों में सोलर पैनल लगवाकर बिजली खर्च घटाने की दिशा में काम करने को कहा। इसके लिए प्रशासन की ओर से सहयोग का आश्वासन भी दिया।संवाद में पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्राम सचिवालयों से ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं, डिजिटल लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को हो रहे लाभ और स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर कूड़ा संग्रहण से गांवों में बेहतर साफ-सफाई का उल्लेख किया।
विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने की अपील की गई।मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क संपर्क और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का उल्लेख किया।
उन्होंने योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी और निवर्तमान पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी के प्रति आभार जताया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सुल्तानपुर में पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने का विषय है, जहाँ सौर ऊर्जा और स्वयं सहायता समूहों के जरिए रोजगार सृजन पर जोर दिया गया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ग्रामीण विकास के लिए नवीन योजनाओं और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। यदि सफल हुआ, तो इससे ग्रामीण इलाकों में बिजली की कमी दूर होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक स्वावलंबन संभव होगा। आम जनता को साफ-सुथरी बिजली, नई नौकरियाँ और बेहतर सरकारी सेवाओं का लाभ मिलेगा, जिससे जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक समृद्धि की दिशा में