सुप्रीम कोर्ट बोला- पत्नी को बेवकूफ-बेकार कहना क्रूरता नहीं:पति के खिलाफ FIR रद्द; महिला ने कनाडा में 22वीं मंजिल से कूदकर जान दी थी
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पत्नी को बेवकूफ और बेकार कहना अपने आप में क्रूरता का अपराध नहीं है। कोर्ट ने कनाडा में सुसाइड करने वाली महिला के पति के खिलाफ दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोपों में दर्ज FIR रद्द कर दी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा कि पति का गुस्सैल स्वभाव या पत्नी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल आपराधिक धमकी का मामला नहीं बनता।
दहेज की मांग, प्रताड़ना और सुसाइड में कोई संबंध साबित नहीं होता। महिला की शादी 2021 में हुई थी। 2022 में वह पति के साथ कनाडा के टोरंटो चली गई थी। 2023 में उसने एक अपार्टमेंट की 22वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया था। मौके से उसका सुसाइड नोट भी मिला था। महिला के पिता ने दामाद पर उनकी बेटी को गालियां देने, बेवकूफ और बेकार कहने का आरोप लगाया था।
पिता के आरोप और हाईकोर्ट का फैसला, 4 पॉइंट्स 1.
इस मामले में कनाडा के कोरोनर की जांच और टोरंटो पुलिस की 2024 की क्लोजर रिपोर्ट में भी किसी साजिश या संघर्ष के संकेत नहीं मिले। जांच में सुसाइड नोट की लिखावट महिला की लिखावट से मेल खाई। CCTV फुटेज में घटना के समय पति घर पर मौजूद नहीं था। 2.
इसके बाद महिला के पिता ने पति के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी से पहले 15 तोला सोना मांगा गया था। शादी के बाद पहली दिवाली पर सोने की अंगूठी और कंगन, जबकि 2022 में तीन तोला सोना मांगा गया। 3.
पिता के मुताबिक, पति उनकी बेटी को गालियां देता था और बेवकूफ व बेकार कहकर अपमानित करता था। इन आरोपों पर पति के खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता, मारपीट और अपमान से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया था। 4.
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने पति के माता-पिता और बहन के खिलाफ केस रद्द कर दिया था, लेकिन पति पर मुकदमा जारी रखने का आदेश दिया था। पति ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की इसके बाद पति ने 2025 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उसने दलील दी कि आरोप सामान्य हैं और सुसाइड नोट में उसे मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया गया है। उसने कनाडा की जांच रिपोर्ट का भी हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला की मौत (11 जून 2023) से पहले पति या उसके परिवार के खिलाफ दहेज मांगने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। कोर्ट ने शादी में दिए गए 15 तोला सोने और दिवाली के गहनों को पारि
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar