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सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द की

सितंबर 01, नई दिल्ली: सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज मुकदमों को समाप्त करने का आदेश दिया है जिससे लंबे समय से कानूनी उलझनों में फंसे प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है।शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम सहित देश के किसी भी हिस्से में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को रद्द कर दिया है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरे मामले से जुड़े विषयों पर अब देश के किसी भी कोने में कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। एक तरफ जहां प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत दी गई है, वहीं दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।अदालत ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2873 लोगों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दे दी है ताकि हिंसा में शामिल उपद्रवियों पर कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा सके।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देश को झकझोर देने वाले नीट पेपर लीक मामले का भी संज्ञान लिया। इसके अलावा अदालत ने इस पेपर लीक के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान करते हुए निर्देश दिया है कि सभी प्रभावित परिवारों को आगामी तीन महीने के भीतर अनिवार्य रूप से मुआवजा राशि प्रदान की जाए।

फोटो- सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।