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सूरत में 3 हत्याएं, पति-पत्नी ने 4 साल छिपाया राज:सास, नानी और बहन की जान ली; एक शव घर में दफनाया, अब मिले कंकाल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 👁️ 14 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
सूरत में 3 हत्याएं, पति-पत्नी ने 4 साल छिपाया राज:सास, नानी और बहन की जान ली; एक शव घर में दफनाया, अब मिले कंकाल

गुजरात के सूरत जिले के कोसांबा में तीन महिलाओं की हत्या का 4 साल बाद खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और कोसांबा पुलिस ने वडफालिया में एक घर के आंगन से मानव कंकाल बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला पर तीनों महिलाओं की हत्या का आरोप है। मृतकों में उर्मिला की नानी शांताबेन, बहन भगवतीबेन और माधवदास की मां मंजुलाबेन शामिल हैं। मामला तब सामने आया जब माधवदास ने पत्नी को हत्या में फंसाने के लिए पुलिस में शिकायत की। जांच में उसकी शिकायत संदिग्ध लगी और पूछताछ के बाद तीनों हत्याओं का खुलासा हुआ। 2022 में हुईं तीनों महिलाओं की हत्याएं 1.

पहली हत्या 25 फरवरी 2022 को हुई। पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने उर्मिला की बहन भगवतीबेन वसावा का तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। वह टीबी से पीड़ित थीं। इसके बाद उनकी मौत को बीमारी से हुई मौत बताया गया और शव को दफना दिया गया। 2.

दूसरी हत्या 19 जुलाई 2022 को हुई। इस बार माधवदास की मां मंजुलाबेन भक्तिराम साधु की मौत हुई। वह पैरालिसिस के बाद बिस्तर पर थीं। पुलिस का आरोप है कि दंपती ने तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या की और बाद में बीमारी से मौत बताकर अंतिम संस्कार कर दिया। 3.

तीसरी हत्या 7 अक्टूबर 2022 को शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हुई। पुलिस के मुताबिक, शांताबेन उर्मिला की नानी थीं। आरोप है कि सोते समय उनका मुंह तकिए से दबाया गया और हत्या के बाद शव को ड्रम में डाल दिया गया। ड्रम में शव डालकर सीमेंट से किया था बंद पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने शांताबेन के शव को ड्रम में रखा।

उसमें तीन बोरी सीमेंट और पानी डालकर शव को सील कर दिया। करीब साढ़े तीन महीने बाद दोनों ने ड्रम को खोलकर शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत घर के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया। ऊपर से सीमेंट की परत भी डाल दी गई। शांताबेन की मौत को छिपाने के लिए रिश्तेदारों को बताया गया कि उनकी मौत कोरोना से हुई है।

उस समय कोरोना के दौरान शव परिजनों को नहीं दिए जाने की बात कहकर मामला दबा दिया गया। पत्नी को फंसाने की कोशिश में खुला राज हाल ही में पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद माधवदास पुलिस के पास पहुंचा। उसने क्राइम ब्रांच को बताया था कि शांताबेन की हत्या उसकी पत्नी उर्मिला और उसके चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान ने की है।

पुलिस ने अफजल से पूछताछ की,

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

सूरत के कोसांबा में तीन महिलाओं की हत्या का मामला 4 साल बाद खुला है, जिसमें पति-महिलाएं माधवदास और उर्मिला पर सास, नानी और बहन की हत्या का आरोप है। यह विषय परिवारिक हिंसा और अपराध के छिपे हुए पहलुओं को उजागर करता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि कैसे अपराधी अपनी पहचान छिपाकर लंबे समय तक समाज में घुलमिल सकते हैं, और पुलिस जांच के बाद ही सत्य सामने आता है। आम जनता पर इसका असर गहरा है, क्योंकि यह परिवारों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाता है और समाज में अपराध के प्रति सतर्कता बढ़ाता

🎙️ जनता का संदेश का मत

सूरत के इस दुखद मामले से हमें यह सीख मिलती है कि घरेलू विवादों को कानूनी रास्तों और संवाद से सुलझाना चाहिए, न कि हिंसा से। परिवार के भीतर विश्वास और सहानुभूति का निर्माण कर, समय पर सहायता माँगकर आपातकालीन स्थिति से बचा जा सकता है। पीड़ितों के परिवार को हमारा गहरा सहानुभूति और समर्थन मिलता रहे।

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