अपराध

Swatantra Bhardwaj Case: ‘हिम्मत कैसे हुई मुझे गिरफ्तार करने की’ स्वतंत्र भारद्वाज के वकील भड़के; HC में दिल्ली पुलिस को किया चैलेंज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
Swatantra Bhardwaj Case: ‘हिम्मत कैसे हुई मुझे गिरफ्तार करने की’ स्वतंत्र भारद्वाज के वकील भड़के; HC में दिल्ली पुलिस को किया चैलेंज

Swatantra Bhardwaj Case: खुद को दक्षिणपंथी बताने वाले इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने सोमवार (07 सितंबर, 2026) को दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस की हिम्मत कैसे हुई कि वह बुलंदशहर जाकर उन्हें गिरफ्तार करे.

वकील ने तर्क दिया कि यह गिरफ्तारी जून में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में की गई थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही सभी FIR रद्द कर चुका था. ‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही सभी FIR रद्द कर चुका है फिर भी दिल्ली पुलिस की हिम्मत हुई कि वह बुलंदशहर जाकर मुझे गिरफ्तार करे.

वकील ने ये बातें तब कहीं जब कोर्ट उनके क्लाइंट की तीन दिन की हिरासत के खिलाफ दायर ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई कर रहा था.

वहीं, कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी और स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दियायय बुलंदशहर से दिल्ली पुलिस ने की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (04 सितंबर, 2026) को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था.

इससे पहले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने कथित मारपीट के मामले में उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था.

उसी दिन दिल्ली पुलिस ने जून में जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक किशोरी छात्रा के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR में SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट और आपराधिक धमकी देने की धाराएं जोड़ीं.

POCSO के तहत भी मामला है दर्ज स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) एक्ट के तहत भी एक अलग मामला चल रहा है.

वहीं, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई एक वीडियो पॉडकास्ट पर मचे हंगामे के बाद हुई, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नाबालिग एक्टिविस्ट के पिता का सिर फोड़ दिया था.

हालांकि, बाद में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में ऐसा किया था.

दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि छात्र एक्टिविस्ट के पिता को लगी चोटें मामूली प्रकृति की थीं. पॉडकास्ट का वीडियो वायरल होने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई थीं.

स्वतंत्र ने ना केवल बड़बोलापन दिखाया था बल्कि दिल्ली पुलिस को भी सवालों में खड़ा कर दिया. उसने यह तक कहा कि उसके पास पुलिस को डंडा और जूता हमेशा रहता है.

इसके साथ ही उसने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा को भी कटघरे में खड़ा कर दिया.

यह भी पढ़ें: यूपी का वह CM जिसके लिए दरिंदा बन गया जिलाधिकारी, आधी रात ‘बाबू’ को जामुन के पेड़ से बांधकर पीटा यह भी पढ़ें: UP Election 2027: मुलायम सिंह के डर से अखिलेश यादव घर में छिपे, अनुराग भदौरिया तो एक साल तक भागते रहे खौफ से!

यह भी पढ़ें: Jamie and Michelle Wade: शादी से ठीक पहले हो गया कांड! पानी में गिरे फिर एक-दूसरे को... Video Viral

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)

🎙️ जनता का संदेश का मत

इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि जब भी किसी विवाद या गलतफहमी का सामना हो, तो शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी मार्ग सबसे बेहतर विकल्प हैं। हिंसा और बदला लेने से न केवल स्थिति बिगड़ती है, बल्कि समाज में अविश्वास और विभाजन भी बढ़ता है। हमें सहानुभूति और सहिष्णुता के साथ एक-दूसरे की बात सुननी चाहिए, ताकि हम सामूहिक रूप से न्याय और शांति की दिशा में आगे बढ़ सकें।

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।