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टाइगर फायरिंग- हैंडलर ने टीवी देखकर शूटर्स को मैसेज किया:तुम्हारे चेहरे दिखे, निकलो; दावा- सलमान की तारीफ से लॉरेंस गैंग टाइगर से नाराज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
टाइगर फायरिंग- हैंडलर ने टीवी देखकर शूटर्स को मैसेज किया:तुम्हारे चेहरे दिखे, निकलो; दावा- सलमान की तारीफ से लॉरेंस गैंग टाइगर से नाराज

मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले शूटर्स को वारदात के बाद भी बाहर से मदद मिल रही थी। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति टीवी न्यूज देखकर उन्हें पुलिस की जांच के अपडेट दे रहा था। जब न्यूज में शूटर्स के चेहरे दिखे तो रेहान को मैसेज आया- तुम्हारे चेहरे दिख गए हैं, यहां से निकल जाओ।

शूटर्स को यह भी बताया गया कि पुलिस को उनकी बाइक मिल गई है और उनके ट्रेन से भागने की योजना का पता चल गया है। इसके बाद आरोपियों ने अपना रास्ता बदला। वे बाइक, ट्रेन और कैब से भागते रहे। वहीं एक आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि टाइगर श्रॉफ ने 2022 में सलमान खान को असली टाइगर कहा था। इससे नाराज लॉरेंस गैंग टाइगर से बदला लेना चाहता था।

कैब, बस और ट्रेन, आरोपियों ने सफर का तरीका बदला पुलिस सूत्रों के मुताबिक फायरिंग के बाद आरोपी बाइक से ही मुंबई से निकलने वाले थे। बाद में उन्होंने अंधेरी में अपनी बाइक छोड़ दी और बोरीवली से कैब लेकर सूरत पहुंचे। उन्होंने सूरत से बस पकड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन बस में देरी होने पर उन्होंने जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी।

मुंबई पुलिस की सूचना पर कोटा पुलिस ने ट्रेन में तीनों शूटर्स को हमले के अगले दिन यानी 19 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। कैब ड्राइवर को किए कॉल से मिला आरोपियों का सुराग द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी अपने हैंडलर्स से इंटरनेट के जरिए वॉयस कॉल पर बात कर रहे थे। ऐसी कॉल सामान्य मोबाइल कॉल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होतीं, इसलिए पुलिस के लिए उनकी बातचीत का पता लगाना मुश्किल था।

हालांकि, आरोपियों ने बोरीवली से सूरत ले जाने वाले कैब ड्राइवर को सामान्य मोबाइल कॉल की थी। इसी कॉल से पुलिस को आरोपियों के सूरत पहुंचने का सुराग मिला। जांच के दौरान पुलिस ने उस रेलवे स्टेशन का भी पता लगाया, जहां से आरोपी जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए थे। अनिल पंडित, अंकित या समीर पर हैंडलर होने का शक CCTV फुटेज में शूटर रेहान फोन पर बात करता दिखा था।

जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि आरोपी इंटरनेट के जरिए वॉयस कॉल कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उनकी बातचीत से जुड़े कुछ सबूत मिले, लेकिन वे किस कम्युनिकेशन ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अभी यह पता नहीं लगा पाई है कि शूटर्स को टीवी न्यूज के अपडेट कौ

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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