टाटा ट्रस्ट के समर्थन में आए शरद पवार, बोले- 'ग्रुप का मालिकाना हक...'
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टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के बीच विवाद पर पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने मंगलवार को टाटा ग्रुप से अपील की है.
उन्होंने कहा है कि अंदरूनी लीडरशिप के मसले को सही प्रक्रिया और बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए. उन्होंने बकायदा एक पत्र जारी करते हुए एक्स पर अपनी राय दी है.
साथ ही टाटा ट्रस्ट का समर्थन किया है और कहा है कि बिजनेस को समाजसेवा करते रहना चाहिए.
शरद पवार ने कहा है कि तय गवर्नेंट के स्ट्रक्चर तक तहत टाटा ट्रस्ट की इंस्टीट्यूशनल रोल और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए.
इसके अलावा कहा है कि ग्रुप का मालिकाना हक किसी एक व्यक्ति के पास नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा है कि लीडरशिप के मुद्दे को आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत सुलझाया जाना चाहिए.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि भारत के डेवलपमेंट में टाटा ग्रुप का अहम योगदान है और इसे बनाए रखना होगा. इसके तहत ट्रस्ट की आधारित विरासत की रक्षा करना जरूरी है.
The Tata Group s legacy is rooted in the belief that business should serve society.
Tata Trusts institutional role and rights must be respected under the established governance framework.
The current leadership issue should be resolved through due process, dialogue and pic.twitter.com/fnNfQAG9iF
Sharad Pawar (@PawarSpeaks) September 22, 2026
पवार ने जमेशदजी टाटा के विजन का किया जिक्र
पवार ने कहा कि जमेशदजी टाटा का विजन, जिसे सर दोराबजी और सर रतन टाटा ने आगे बढ़ाया है, यह था कि कंपनी से बनाई गई संपत्ति समाज को वापस मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि उनकी होल्डिंग्स को ट्रस्ट में रखा गया था जिससे ग्रुप का मालिकाना हक किसी व्यक्ति के पास न हो.
बिजनेस में ज्यादातर
📡 स्रोत: ABP Live