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तेहरान के नक्शे पर ट्रंप, खुद का चेहरा लगाकर बताया असली मकसद, मचा बवाल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
तेहरान के नक्शे पर ट्रंप, खुद का चेहरा लगाकर बताया असली मकसद, मचा बवाल

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ने सोशल मीडिया पर एक घंटे के अंदर 7 पोस्ट किए हैं जो ईरान से जुड़े हुए हैं. ट्रंप के ये पोस्ट खूब वायरल हो रहे हैं.

इन पोस्ट्स के जरिए उन्होंने यह मैसेज देने की कोशिश की कि अमेरिका के सैन्य और आर्थिक दबाव के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है. ईरान के नक्शे पर अपनी तस्वीर

ट्रंप के पहले पोस्ट में ईरान के नक्शे पर उनकी खुद की फोटो लगी हुई थी.

इससे कुछ ही दिन पहले उन्होंने सामरिक रूप से बेहद अहम 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) का नाम बदलकर "ट्रंप स्ट्रेट" रखने की बात भी कही थी. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई

दूसरी पोस्ट में 'हॉर्मुज Strait' का नक्शा और आंकड़े दिखाए गए.

इसके मुताबिक, इस रास्ते से तेल की सप्लाई जो संघर्ष से पहले 2 करोड़ बैरल प्रति दिन थी, वह अब फिर से संभलकर 1.8 करोड़ बैरल प्रति दिन तक पहुंच गई है. वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है.

ईरान के तेल निर्यात में भारी गिरावट एक और ग्राफिक्स के जरिए दावा किया गया कि ईरान का कच्चा तेल निर्यात क्रैश हो गया है.

चार्ट के अनुसार, 2025 में जो निर्यात करीब 20 लाख बैरल प्रति दिन था, वह 2026 में गिरकर लगभग शून्य के करीब पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें थोड़ा सुधार देखा गया. ईरानी मुद्रा 'रियाल' का टूटना और महंगाई

ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था और मुद्रा की बदहाली पर दो ग्राफिक्स शेयर किए हैं.

एक में दिखाया है अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल 9 लाख (2025 की शुरुआत) से गिरकर 22.7 लाख से भी नीचे चला गया है. दूसरे ग्राफिक में संदेश दिया गया कि ईरान की करेंसी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है. 'बाय-बाय खार्ग'

ट्रंप ने एआई (AI) से बनी एक फोटो शेयर की, जिसमें एक फाइटर जेट ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र 'खार्ग द्वीप' पर हमला करता दिख रहा है और वहां भीषण आग लगी हुई है.

खार्ग द्वीप ईरान के तेल व्यापार की रीढ़ है, और इस पर हमला होना उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा झटका माना जाता है. "ईरान एक नाकाम देश है"

अपनी आखिरी पोस्ट में ट्रंप ने ईरान के नक्शे के साथ लिखा कि ईरान एक नाकाम देश (Failing Nation) बनता जा रहा है.

अमेरिकी दबाव और आर्थिक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए ईरान ने साफ कर दिया है कि वह झुकने वाला नहीं है.

ईरान के वित्त मंत्री अली मदानीजादे ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने की जिम्मेदारी ईरान की सरकार और वहां की जनता की है, न कि अमेरिकी खजाने (US Treasury) की.

उन्होंने अमेरिका के इस भ्रम को खारिज किया कि आर्थिक दबाव से ईरान अपने फैसले बदल देगा. ये भी पढ़ें: Xप्लेन: क्या बनी हुई इमारत के नीचे बेसमेंट बनाना कानूनी है? जानिए

📡 स्रोत: NewsData.io

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