तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर केस, सिपाही निलंबित:धार्मिक स्थलों पर मानकों के पालन की गलत रिपोर्ट दी थी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →बिजनौर में नजीबाबाद में निर्धारित मानकों से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाने के आरोप में पुलिस ने शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मौके से लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और माइक बरामद किए। कार्रवाई के दौरान आरोपी फरार हो गया। वहीं, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर हटाने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के मानकों के पालन को लेकर गलत रिपोर्ट देने पर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने नजीबाबाद थाने में तैनात सिपाही ललित कुमार को निलंबित कर दिया है।
तेज आवाज से लोगों को परेशानी का आरोप पुलिस के मुताबिक, शनिवार को उपनिरीक्षक सौरभ सिंह कांस्टेबल रोहित के साथ शांति व्यवस्था और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की जांच के लिए निकले थे। दोपहर करीब 1 बजे टीम जीआईसी इंटर कॉलेज के पास पहुंची तो नजीबुद्दौला मस्जिद से लाउडस्पीकर की तेज आवाज सुनाई दी।
आरोप है कि निर्धारित मानकों से अधिक आवाज के कारण ध्वनि प्रदूषण हो रहा था और आसपास से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। पुलिस को देखकर आरोपी फरार पुलिस ने मस्जिद में जांच की तो मौहल्ला मकबरा निवासी 23 वर्षीय मोहम्मद फैजान के अजान पढ़ने की जानकारी मिली। पुलिस का कहना है कि टीम को देखकर युवक मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और माइक बरामद कर कब्जे में ले लिए। सीओ नजीबाबाद सुनील कुमार ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। गलत रिपोर्ट देने पर सिपाही निलंबित एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के मानकों के पालन संबंधी गलत रिपोर्ट देने पर सिपाही ललित कुमार को निलंबित किया है।
रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र निर्धारित मानकों के अनुरूप ही लगाए जाएं। बीपीओ से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई की स्थिति की जांच भी सही तरीके से की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में लापरवाही न बरती जाए और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
ध्वनि की शक्ति को समझकर, हम अपने समाज में शांति और सहिष्णुता को बढ़ा सकते हैं। यदि कोई अत्यधिक आवाज़ से दूसरों को परेशान करता है, तो कानूनी मार्ग अपनाकर निवारण किया जा सकता है, जिससे न केवल शोर-शराबा रोका जाए बल्कि सामुदायिक सौहार्द भी बना रहे। शांत वातावरण में ही धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सच्चा महत्व निहित है।